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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 2.03 हास्य व्यंग जो कुछ ' कम हुआ वह अपनापन हुआ है लिए নিল যী নন जो धन लूटा रहा उसके घर का दरवाजा भी खुला है समझ अपनी अपनी है निकलना भी दरवाजे से ही है! Status (Contacts) + # Aa 2.03 हास्य व्यंग जो कुछ ' कम हुआ वह अपनापन हुआ है लिए নিল যী নন जो धन लूटा रहा उसके घर का दरवाजा भी खुला है समझ अपनी अपनी है निकलना भी दरवाजे से ही है! Status (Contacts) + # - ShareChat