_*🌷रात्रि चिंतन🌷*_
_*प्रेम अगर सच में प्रेम ही है, तो वह अनिवार्य रूप से वैराग्य में बदल जाएगा। जो प्रेम हृदय में उतरा, उसकी नियति परमात्मा है। हर रिश्ते में केवल दो ही बातें सबसे ज़रूरी हैं, एक दूसरे की मौजूदगी की क़दर करना और गैर मौजूदगी में भी भरोसा बनाए रखना।*_
_*सुख और दुःख हमारे पारिवारिक सदस्य नहीं, मेहमान हैं बारी बारी से आयेंगे और कुछ दिन ठहर कर चले जायेंगे, अगर वो नहीं आयेंगे तो हम अनुभव कहाँ से लायेंगे? वह व्यक्ति सबसे अधिक हास्यास्पद है जो दूसरे को हास्यास्पद बनाने में संलग्न है।*_
_*॥ जय श्री राधे कृष्ण ॥*_
_*🌺🌷शुभ रात्रि🌷🌺*_ #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार #🙏सुविचार📿 #☝अनमोल ज्ञान #📒 मेरी डायरी

