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#आज का मंत्र
आज का मंत्र - "आज का मंत्र " रोगान शेषा नपहंसि तुष्टा भीष्टान् रुष्टा तु कामान् सकलान 1 f4t त्वामाश्रितानां न नराणां त्वामाश्रिता ह्य़ा श्रयतां प्रयान्ति ।। भावार्थः देवी ! आप प्रसन्न होने पर सब रोगों को नष्ट कर देती हैं और होने पर मनोवांछित कुपित सभी कामनाओं का नाश कर देती हैं | जो लोग आपकी शरण में हैं॰ उनपर विपत्ति तो आती ही মী যৎ ভ্য नहीं ; आपकी शरण मनुष्य दूसरों को शरण देनेवाले हो जाते हैं | (दुर्गा सप्तश्लोकी) @myquote "आज का मंत्र " रोगान शेषा नपहंसि तुष्टा भीष्टान् रुष्टा तु कामान् सकलान 1 f4t त्वामाश्रितानां न नराणां त्वामाश्रिता ह्य़ा श्रयतां प्रयान्ति ।। भावार्थः देवी ! आप प्रसन्न होने पर सब रोगों को नष्ट कर देती हैं और होने पर मनोवांछित कुपित सभी कामनाओं का नाश कर देती हैं | जो लोग आपकी शरण में हैं॰ उनपर विपत्ति तो आती ही মী যৎ ভ্য नहीं ; आपकी शरण मनुष्य दूसरों को शरण देनेवाले हो जाते हैं | (दुर्गा सप्तश्लोकी) @myquote - ShareChat