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शेर अंजुम रहबर #✒ शायरी
✒ शायरी - मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था वो उतनी दूर चला गया जितना क़रीब था अंजुम रहबर @myquote मिलना था इत्तिफ़ाक़ बिछड़ना नसीब था वो उतनी दूर चला गया जितना क़रीब था अंजुम रहबर @myquote - ShareChat