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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 4.A हास्य व्यंग पहले जब चूल्हे जलते थे तब मच्छर नहीं खाते थे मलेरिया नहीं डेंगू नहीं कोरोना नहीं होता था जबसे गैस आया यह आने लगे गधे भी ! सुनाने कहानी Status (Contacts) + # Aa 4.A हास्य व्यंग पहले जब चूल्हे जलते थे तब मच्छर नहीं खाते थे मलेरिया नहीं डेंगू नहीं कोरोना नहीं होता था जबसे गैस आया यह आने लगे गधे भी ! सुनाने कहानी Status (Contacts) + # - ShareChat