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गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - गज़ल रहेन घर के हुए ख़्वार ये तो  होना था यार  ये तो   होना तिरी #  तलाश থা बर - सर - ए -दीवार जलते चराग़ों की কনায सियाहियाँ पस -ए-्दीवार ये॰  तो   होना থা मुख़ालिफ़ बाँटने   वालों ক  4 ज़मीन గT हमीं   पे आ   गिरी तलवार  ये নী   কীনা থা गुज़र के इक रह-ए-पुर-ख़ार से यहाँ पहुँचे यहाँ से फिर रह-ए-पुर-ख़ार ये तो होना था ওক্তুক   ম   বুচ   ফ্   ;   কমাঁ  गया सूरज हुए   थे देर  से  बेदार ये तो   होना था हमीं   ने उस   के   लिए 2 যমী बनाए किघर तक आ गया बाज़ार ये तो होना था কী নামীয ম স্তুলুম 73 ాTగ था कम ব্রুলব-নয  38 दीवार 77 4 होना था Motivational Vicleos /oo Want गज़ल रहेन घर के हुए ख़्वार ये तो  होना था यार  ये तो   होना तिरी #  तलाश থা बर - सर - ए -दीवार जलते चराग़ों की কনায सियाहियाँ पस -ए-्दीवार ये॰  तो   होना থা मुख़ालिफ़ बाँटने   वालों ক  4 ज़मीन గT हमीं   पे आ   गिरी तलवार  ये নী   কীনা থা गुज़र के इक रह-ए-पुर-ख़ार से यहाँ पहुँचे यहाँ से फिर रह-ए-पुर-ख़ार ये तो होना था ওক্তুক   ম   বুচ   ফ্   ;   কমাঁ  गया सूरज हुए   थे देर  से  बेदार ये तो   होना था हमीं   ने उस   के   लिए 2 যমী बनाए किघर तक आ गया बाज़ार ये तो होना था কী নামীয ম স্তুলুম 73 ాTగ था कम ব্রুলব-নয  38 दीवार 77 4 होना था Motivational Vicleos /oo Want - ShareChat