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*अगर आपके शरीर के किसी भी अंग का स्पर्श अग्नि से हो जाये तो आपको कितनी पीड़ा होती है?* *तो फिर विचार कीजिये...* *ईर्ष्या, राग और द्वेष की अग्नि... जिसे आप जीवन भर अपने हृदय में लेकर जीते हैं,वो अन्दर ही अन्दर आपके ह्रदय को कितनी पीड़ा देती होगी।* *अतः ईर्ष्या, राग और द्वेष को हमेशा स्वयं से दूर रखें।* *ओम् नमो नारायण*🙏🙏 *आज का दिन मंगलमय हो।* #🙏कर्म क्या है❓ #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔
🙏कर्म क्या है❓ - दशनासी जौस्वामी दशनासी जौस्वामी - ShareChat