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🌹🌱🌾 ●●●●●● फूल दिल में जैसे ही खिले, मुस्कुरा कर वो अपने घर ले गई! लूट गया साँसे बढ़ते धड़कनों से, हँसकर ही वो सारे गम ले गई! मै बचाता रहा हर राज दिल के, और वो फिर से एक लहर ले गई! मैं बैठा ही रहा यहाँ अकेला, और वो चुपके से ये मन ले गई! पहचान है अजब है इश्क है, बावला सा है अपने शहर ले गई! क्या करे उसकी नजर में, कुछ अजीब सा ही जादू है! हुनर धरा का धरा रह गया और परिंदा बस, इश्क कहके ही दिल का भी पर ले गई!💕💞 ........✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳🌳 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️ आई लव यू #💝 शायराना इश्क़ #💔पुराना प्यार 💔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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