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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #आज जिनकी पुण्यतिथि है #🇮🇳 देशभक्ति #🙏🏻माँ तुझे सलाम
बलिदान दिवस - बसंत पंचमी यानी वीर हकीकत बलिदान दिवस मात्र १४ वर्ष की आयु में धर्म रक्षार्थ शीश देना स्वीकार किया पर इस्लाम नहीं कबूला।आइए नमन करें ऐसे वीर को राय जन्म से ही कुशाग्र बुद्धि के बालक थे। यह बालक ४ ५ वर्ष की ही इतिहास तथा संस्कृत आदि विषय का  आयु में  पर्याप्त अध्ययन कर लिया था। १० वर्ष की आयु में फारसी पढ़ने के लिये मौलबी के पास मस्जिद में भेजा गया, वहॉं के हिन्दू व बालको तथा हिन्दू देवी देवताओं को मुसलमान छात्र अपशब्द कहते थे। बालक हकीकत उन सब के ক্তনব্ধী : করা विवाद में प्रतिवाद करता और उन मुस्लिम छात्रों को " वाद अनुपस्थिति में  पराजित कर देता। एक दिन मोलवी की मुस्लिम छात्रों ने हकीकत राय को खूब मारा पीटा। बाद में धर्मवीरहकीकतराय मोलवी के आने पर उन्होने हकीकत की शियतक कर दी कि॰ अद्वितीयअनुपमबलिदानी वीर इसने बीबी फातिमा को गाली दिया है। यह बाद सुन कर मोलवी बहुत नाराज हुऐ ओर हकीकत राय को शहर के Kantidoot in w काजी के सामने प्रस्तुत किया। बालक के परिजनों के द्वारा  ஈ= 7==-- ೧,ಗ बसंत पंचमी यानी वीर हकीकत बलिदान दिवस मात्र १४ वर्ष की आयु में धर्म रक्षार्थ शीश देना स्वीकार किया पर इस्लाम नहीं कबूला।आइए नमन करें ऐसे वीर को राय जन्म से ही कुशाग्र बुद्धि के बालक थे। यह बालक ४ ५ वर्ष की ही इतिहास तथा संस्कृत आदि विषय का  आयु में  पर्याप्त अध्ययन कर लिया था। १० वर्ष की आयु में फारसी पढ़ने के लिये मौलबी के पास मस्जिद में भेजा गया, वहॉं के हिन्दू व बालको तथा हिन्दू देवी देवताओं को मुसलमान छात्र अपशब्द कहते थे। बालक हकीकत उन सब के ক্তনব্ধী : করা विवाद में प्रतिवाद करता और उन मुस्लिम छात्रों को " वाद अनुपस्थिति में  पराजित कर देता। एक दिन मोलवी की मुस्लिम छात्रों ने हकीकत राय को खूब मारा पीटा। बाद में धर्मवीरहकीकतराय मोलवी के आने पर उन्होने हकीकत की शियतक कर दी कि॰ अद्वितीयअनुपमबलिदानी वीर इसने बीबी फातिमा को गाली दिया है। यह बाद सुन कर मोलवी बहुत नाराज हुऐ ओर हकीकत राय को शहर के Kantidoot in w काजी के सामने प्रस्तुत किया। बालक के परिजनों के द्वारा  ஈ= 7==-- ೧,ಗ - ShareChat