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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - जयपुर , बुधवार 4 फरवरी , २०२६ 17 दुनिया के 3 बड़े बाजार खुले टेक्सटाइल सेवटरः पहली बार ४५ लाखकरोड़ रु. के बाजार में सीधी பgd | मुंबई अमेरिका का ११ लाख करोड़ रें फो भास्कर न्यूज ? का है। यानी भारतीय निर्यातकों डील ने ट्रेड भारत ्अमेरिका ४५ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के टेक्सटाइल सेक्टर को सुर्खियों तीन बड़े बाजारों में सीधी पहुंच मिलने जा रही है। यूरोपीय संघ के ला दिया है। यह बदलाव ऐसे समय कुल कपड़ा आयात में भारत की में आया है जब वैश्विक स्तर पर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। हिस्सेदारी करीब ४-५% के बीच है। विशेषज्ञों के मुताबिक   मुक्त पहली बार भारत के पास दुनिया व्यापार समझौता प्रभावी होने के के तीन सबसे बड़े बाजारों ( यूएस, కకౌ  साथ ही पहले वर्ष में यह निर्यात यूके ) तक एक साथ आसान मिलने जा रही है। ईयू का दोगुना बढ सकता है। २०२४-२५ में भारत ने ईयू को ७२ हजार  ক্রহীভ बाजार २४ लाख करोड़ रुपए, यूके के कपड़ निर्यात किए। लाख करोड़ रुपए और 2.5 ক্া ट्रेड डील से सालाना १५% रोजगार बढ़ने की उम्मीद भास्कर एक्सपर्ट टेक्सटाइल   एक्सपोर्ट लक्ष्य का आशीष आसान हो गया है। अनुमान है कि गुजराती टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार पूर्व प्रेसिडेंट, द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ दर सालाना १२% से १५% के बीच कॉमर्स एंड इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा तिरुपुर रहेगी। फायदा होगा, क्योंकि वो एक्सपोर्ट भारत पहले ही कुल कपडा निर्यात तिरुपुर ] के गारमेंट में सबसे आगे है। का ३५% हिस्सा अमेरिका भेज रहा निर्माता कॉटन से हटकर एमएमएफ था। लेकिन ५०% से ज्यादा टैरिफ (मेन मेड फाइबर ) की ओर बढ के चलते निर्यातक दबाव में थे। रहे हैं॰ तो इसका सीधा दिनों ईयू और फायदा নিঁব यूके के সাথ क्योंकि   सूरत सूरत को  मिलेगा, डील ने नए रास्ते खोल ह्रैंड नियलकों ननएब्तजाखाभल का सबसे बड़ा केंद्र एमएमएफ है। पानीपत, इरोड जैसे टेक्सटाइल कुल एक्सपोर्ट खोज लिए हैं, इससे हब्स को भी बड़े ऑर्डर मिलने की इससे में जबरदस्त उछाल आएगा। उम्मीद है। २०३० तक १०० बिलियन डॉलर பப--~I-J जयपुर , बुधवार 4 फरवरी , २०२६ 17 दुनिया के 3 बड़े बाजार खुले टेक्सटाइल सेवटरः पहली बार ४५ लाखकरोड़ रु. के बाजार में सीधी பgd | मुंबई अमेरिका का ११ लाख करोड़ रें फो भास्कर न्यूज ? का है। यानी भारतीय निर्यातकों डील ने ट्रेड भारत ्अमेरिका ४५ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के टेक्सटाइल सेक्टर को सुर्खियों तीन बड़े बाजारों में सीधी पहुंच मिलने जा रही है। यूरोपीय संघ के ला दिया है। यह बदलाव ऐसे समय कुल कपड़ा आयात में भारत की में आया है जब वैश्विक स्तर पर समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। हिस्सेदारी करीब ४-५% के बीच है। विशेषज्ञों के मुताबिक   मुक्त पहली बार भारत के पास दुनिया व्यापार समझौता प्रभावी होने के के तीन सबसे बड़े बाजारों ( यूएस, కకౌ  साथ ही पहले वर्ष में यह निर्यात यूके ) तक एक साथ आसान मिलने जा रही है। ईयू का दोगुना बढ सकता है। २०२४-२५ में भारत ने ईयू को ७२ हजार  ক্রহীভ बाजार २४ लाख करोड़ रुपए, यूके के कपड़ निर्यात किए। लाख करोड़ रुपए और 2.5 ক্া ट्रेड डील से सालाना १५% रोजगार बढ़ने की उम्मीद भास्कर एक्सपर्ट टेक्सटाइल   एक्सपोर्ट लक्ष्य का आशीष आसान हो गया है। अनुमान है कि गुजराती टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार पूर्व प्रेसिडेंट, द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ दर सालाना १२% से १५% के बीच कॉमर्स एंड इंडस्ट्री को सबसे ज्यादा तिरुपुर रहेगी। फायदा होगा, क्योंकि वो एक्सपोर्ट भारत पहले ही कुल कपडा निर्यात तिरुपुर ] के गारमेंट में सबसे आगे है। का ३५% हिस्सा अमेरिका भेज रहा निर्माता कॉटन से हटकर एमएमएफ था। लेकिन ५०% से ज्यादा टैरिफ (मेन मेड फाइबर ) की ओर बढ के चलते निर्यातक दबाव में थे। रहे हैं॰ तो इसका सीधा दिनों ईयू और फायदा নিঁব यूके के সাথ क्योंकि   सूरत सूरत को  मिलेगा, डील ने नए रास्ते खोल ह्रैंड नियलकों ननएब्तजाखाभल का सबसे बड़ा केंद्र एमएमएफ है। पानीपत, इरोड जैसे टेक्सटाइल कुल एक्सपोर्ट खोज लिए हैं, इससे हब्स को भी बड़े ऑर्डर मिलने की इससे में जबरदस्त उछाल आएगा। उम्मीद है। २०३० तक १०० बिलियन डॉलर பப--~I-J - ShareChat