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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - #suiouote नफ़्स ए ्अम्मारा , शैतान और फ़रिश्ते   तुम से बाहर की हक़ीक़त नहीं है। तुम ही वो हो। इसी तरह आसमान , ज़मीन और अर्श-ए-् इलाही भी तुम से बाहर नहीं। जन्नत, दोज़ख़, ़िंदगी और मौत =ये सब तुम्हारे अंदर मौजूद हैं। इस हक़ीक़त को तुम जब जान पाओगे जब तुम सुलूक का सफ़र तय कर पाकीज़गी हासिल कर लोगे। -शैख़ नजमुद्दीन कुबरा ಕ Sufinama #suiouote नफ़्स ए ्अम्मारा , शैतान और फ़रिश्ते   तुम से बाहर की हक़ीक़त नहीं है। तुम ही वो हो। इसी तरह आसमान , ज़मीन और अर्श-ए-् इलाही भी तुम से बाहर नहीं। जन्नत, दोज़ख़, ़िंदगी और मौत =ये सब तुम्हारे अंदर मौजूद हैं। इस हक़ीक़त को तुम जब जान पाओगे जब तुम सुलूक का सफ़र तय कर पाकीज़गी हासिल कर लोगे। -शैख़ नजमुद्दीन कुबरा ಕ Sufinama - ShareChat