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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - हंसी के रंग मैने डरते डरते पड़ोसन से पूछा क्या मैं आपका हाथ चूम सकता हूं? से लाल हो कर बोली  पड़ोसन TR बेहया नालायक, बदतमीज, बेशर्म क्या मेरे होठों पर जहर लगा है? हंसी के रंग मैने डरते डरते पड़ोसन से पूछा क्या मैं आपका हाथ चूम सकता हूं? से लाल हो कर बोली  पड़ोसन TR बेहया नालायक, बदतमीज, बेशर्म क्या मेरे होठों पर जहर लगा है? - ShareChat