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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - पत्तों की तरह बिखरे सूखे हुए थे हम फिर किसी ने,, बड़े प्यारसे समेटाहमें और फिर उसने आगलगादीर४४ @sona_creationa3 पत्तों की तरह बिखरे सूखे हुए थे हम फिर किसी ने,, बड़े प्यारसे समेटाहमें और फिर उसने आगलगादीर४४ @sona_creationa3 - ShareChat