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#याद रहते हैं.... परिंदों को आशियाने याद रहते हैं दोस्तों को वो याराने याद रहते हैं। खुद में खुश्बू के ज़माने याद रहते हैं वो तेरे न आने के बहाने याद रहते हैं। सरवरक ए दफ्तर बंद किए हमने अन लिखे फसाने याद रहते हैं। मैं पारसा नहीं के सब जानता नग़्मे ताल और तराने याद रहते हैं। जिगर लोग टूट चुके बिखरे हुए कहे अल्फ़ाज़ के माने याद रहते हैं। #💑डेस्टिनेशन वेडिंग #जिगर_चूरूवी
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