
Shamsher bhalu Khan
@jigarchuruvi
Teacher, social worker, आंदोलनकारी, Law Student
खबर बिना सच जाने छापी गई
शराफत की ज़मी झूठ से नापी गई।
अखबारों का कब ये उसूल हुआ
पैमाना-ए-खबर का फ़िज़ूल हुआ।
वक़्त-ए-ग़म दुश्मन भी रोता होगा
दाग़ी है काला सहाफ़त का चोग़ा।
नौजवान आज सड़क पे पड़े थे
तुम झूठ को सच कहने पे अड़े थे।
अपनों के खोने का दर्द जानोगे
जब बीतेगी खुद पर तो मानोगे।
कौन मुजरिम, किसकी साजिश है
ये बेगुनाहों पे इल्ज़ाम नवाज़िश है।
मुजरिम कौन, कैसा पता नहीं लगता
ग़लत को सही करें अच्छा नहीं लगता।
सुन लो, हम सह गए ज़ुल्म इतने
अब काम न आएंगे तेरे फ़ितने।
शहीद को तुम शहीद क्यों नहीं बताते
मंशा-ए-खुद को क्यों नहीं दिखाते।
हम हक़ पे रहे, बार-बार इंसाफ़ किया
पर न समझना दिल से माफ़ किया।
पुलिस ओ सहाफ़त का सत्य धर्म है
हक़ से पूरा करे जो उसका कर्म है।
अब नहीं चलेगी ये जालसाज़ी
ज़िंदाबाद गाज़ी, ज़िंदाबाद गाज़ी!
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😇 चाणक्य नीति
#गणतंत्र_दिवस कार्यक्रम में उपस्थित हो कर ध्वजारोहण में भाग लिया। #😇 चाणक्य नीति #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
#राम .....
लू में समीर शीत हैं राम
वसुंधरा की प्रीत हैं राम
दीनहीन की जीत हैं राम
कल आज अतीत हैं राम
मर्यादाओं की रीत हैं राम
लू में समीर शीत हैं राम।
इसके उसके सबके राम
पताल धरती नभ के राम
बसे हृदय में सबके राम
आंख सांस में लब पे राम
हैं मर्यादित पुनीत हैं राम
लू में समीर शीत हैं राम।
बिन सीता के अधूरे राम
भाई लक्ष्मण से पूरे राम
प्रतिक्षित सबरी सबूरे राम
मर्यादा पुरुषोत्तम सुरे राम
सुंदर वन का गीत है राम
लू में समीर शीत हैं राम।
तुलसी की चौपाई में राम
बजरंग की परछाई में राम
बाकी झूठ सच्चाई में राम
हर मर्ज की दवाई में राम
सत्य की की जीत है राम
लू में समीर शीत हैं राम।
पिता के आज्ञा पालक राम
हैं दिव्य अद्भुत बालक राम
सत्य सनातन मालक राम
कण कण के संचालक राम
मित्रता राम अमीत है राम
लू में समीर शीत हैं राम।
भय अधर्म के नाशक राम
सत्य अहिंसा उपासक राम
अवधपुरी के शासक राम
राक्षस रावण विनाशक राम
राम ही स्वर संगीत है राम
लू में समीर शीत हैं राम।
आज राम और कल हैं राम
वायु,धरा,ऊष्मा जल हैं राम
सदा अविरल निश्छल हैं राम
राम नाम बेचना छल हैं काम
घृणा में नहीं प्रीत में हैं राम
लू में समीर शीत हैं राम।
सत्ता नहीं संस्कार हैं राम
प्रचार नहीं व्यवहार हैं राम
नहीं धूसरित संसार हैं राम
व्यथाओं का उपचार हैं राम
निरंजन विष्णु अवतार हैं राम
अबला के बलजीत हैं राम
लू में समीर शीत हैं राम
#😇 चाणक्य नीति
मुस्ताक ए ऐश इशरत के ख्वाब संजोते हैं।
जिगर जो दिया मिलता दस्तूर है पुराना
चाहत फूलों की कांटे दिल में चुभोते हैं। #😇 चाणक्य नीति





