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#❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #👌 अच्छी सोच👍 #☝अनमोल ज्ञान #👉 लोगों के लिए सीख👈
❤️जीवन की सीख - "श्री सदगुरुदेवाय नमः  "मेरे जीवन का व्रत और साधना" भगवान ने जिस वाटिका को सींचने का भार मुझे दिया है र उरसे ठीक तरह से सींचते रहना ही मेरी ईश्वर परायणता है। घर का कोई भी ऐसा सदस्य हीन दर्जे का नहीं हैजिसे में तुच्छ समझूं उपेक्षा करूं या सेवा सेजी चुराऊं। में मालिक नेता मुखिया या कमाऊ होने का अहंकार नहीं करता यह मेरा आत्मनिग्रह है। हर एक सदस्य के विकास में अपनी सेवाएं लगाते रहना मेरा परमार्थ है। बदले की जरा-सी-भी इच्छा न रखकर विशुद्ध कर्तव्य भाव से सेवा अपनी सुख  -सुविधाओं की परवाह न करते हुए औरों की रहना मेरा आत्मत्याग है। A सुख- सुविधा बढाने का प्रयत्न करना मेरा तप है। धर्म से उपार्जित अन्न से जीवन निर्वाह करना और कराना यह मेरा संयम है। प्रेम उदारता सहानुभूति की भावना से ओत प्रोत रहना और रखना प्रसन्नता आनंद और एकता की वृद्धि करना मेरी आराधना है। में अपने गृह-मंदिर में भगवान की चलती - फिरती प्रतिमाओं के प्रति अगाध भक्ति भावना रखता हूं। मेरी साधना सज्ची है मेरी साधना के प्रति मेरी भावना सज्ची है और अपनी आत्मा के सम्मुख में सज्चा हूं। सफलता - असफलता की जरा भी परवाह न करते हुए निष्काम कर्मयोगी की भांति सत्यता पूर्वक निबाहने का प्रयत्न कर रहाहूं। নানুলাল নানুলাল. "श्री सदगुरुदेवाय नमः  "मेरे जीवन का व्रत और साधना" भगवान ने जिस वाटिका को सींचने का भार मुझे दिया है र उरसे ठीक तरह से सींचते रहना ही मेरी ईश्वर परायणता है। घर का कोई भी ऐसा सदस्य हीन दर्जे का नहीं हैजिसे में तुच्छ समझूं उपेक्षा करूं या सेवा सेजी चुराऊं। में मालिक नेता मुखिया या कमाऊ होने का अहंकार नहीं करता यह मेरा आत्मनिग्रह है। हर एक सदस्य के विकास में अपनी सेवाएं लगाते रहना मेरा परमार्थ है। बदले की जरा-सी-भी इच्छा न रखकर विशुद्ध कर्तव्य भाव से सेवा अपनी सुख  -सुविधाओं की परवाह न करते हुए औरों की रहना मेरा आत्मत्याग है। A सुख- सुविधा बढाने का प्रयत्न करना मेरा तप है। धर्म से उपार्जित अन्न से जीवन निर्वाह करना और कराना यह मेरा संयम है। प्रेम उदारता सहानुभूति की भावना से ओत प्रोत रहना और रखना प्रसन्नता आनंद और एकता की वृद्धि करना मेरी आराधना है। में अपने गृह-मंदिर में भगवान की चलती - फिरती प्रतिमाओं के प्रति अगाध भक्ति भावना रखता हूं। मेरी साधना सज्ची है मेरी साधना के प्रति मेरी भावना सज्ची है और अपनी आत्मा के सम्मुख में सज्चा हूं। सफलता - असफलता की जरा भी परवाह न करते हुए निष्काम कर्मयोगी की भांति सत्यता पूर्वक निबाहने का प्रयत्न कर रहाहूं। নানুলাল নানুলাল. - ShareChat