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वासुदेव चतुर्थी #पूजन विधि
पूजन विधि - ffq वासुदेव चतुर्थी : की सरल विधि वर्णित की गयी है। हालाँकि ঐপ্স থুণল নিন সন বনুর্থী ৯ करने विधि में कुछ भेद हो सकता है। क्षेत्रीय एवं कुल परम्परा के आधार पर पूजन सर्वप्रथम प्रातःकाल स्नानोपरान्त शुद्ध वस्त्र धारण कर सङ्कल्प ग्रहण करें। तदुपरान्त पूजन स्थल पर लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान गणपति की मूर्ति स्थापित करें । सिन्दूर, : अर्पित करते हुये भगवान गणेश लड्डू, मोदक  शमीपत्र तथा सुपारी মুন, षोडशोपचार पूजन करें।  का तत्पश्चात् गणपति अथर्वशीर्ष, गणेश स्तोत्र , सङ्कटनाशन गणेश स्तोत्र ஊி आदि का पाठ कर भगवान गणेश को प्रसन्न करें। हेतु वासुदेव चतुर्थी व्रत कथा का श्रवण अथवा पाठ करें। व्रत की सफलता मुद्गलपुराण के अनुसार पञ्चमी तिथि को ब्राह्मण के समक्ष विधिवत् व्रत का पारण करें। इस प्रकार चैत्र शुक्ल चतुर्थी व्रत एक ऐसा व्रत है जिसे धर्मशास्त्रों में सर्वविघ्नविनाशक तथा मनोकामना पूर्ति का साधन कहा गया है। इसका पालन में सुख  करने से व्यक्ति के जीवन समृद्धि तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। ffq वासुदेव चतुर्थी : की सरल विधि वर्णित की गयी है। हालाँकि ঐপ্স থুণল নিন সন বনুর্থী ৯ करने विधि में कुछ भेद हो सकता है। क्षेत्रीय एवं कुल परम्परा के आधार पर पूजन सर्वप्रथम प्रातःकाल स्नानोपरान्त शुद्ध वस्त्र धारण कर सङ्कल्प ग्रहण करें। तदुपरान्त पूजन स्थल पर लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान गणपति की मूर्ति स्थापित करें । सिन्दूर, : अर्पित करते हुये भगवान गणेश लड्डू, मोदक  शमीपत्र तथा सुपारी মুন, षोडशोपचार पूजन करें।  का तत्पश्चात् गणपति अथर्वशीर्ष, गणेश स्तोत्र , सङ्कटनाशन गणेश स्तोत्र ஊி आदि का पाठ कर भगवान गणेश को प्रसन्न करें। हेतु वासुदेव चतुर्थी व्रत कथा का श्रवण अथवा पाठ करें। व्रत की सफलता मुद्गलपुराण के अनुसार पञ्चमी तिथि को ब्राह्मण के समक्ष विधिवत् व्रत का पारण करें। इस प्रकार चैत्र शुक्ल चतुर्थी व्रत एक ऐसा व्रत है जिसे धर्मशास्त्रों में सर्वविघ्नविनाशक तथा मनोकामना पूर्ति का साधन कहा गया है। इसका पालन में सुख  करने से व्यक्ति के जीवन समृद्धि तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। - ShareChat