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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 1.3 Rவர जब हम बच्चे थे हमारे बुजुर्ग मालिक के नाम से डरते थे अब हम बुजुर्ग बन रहें बच्चे मालिक को हमारे ताक में रखते बेईमानी करने से नहीं ड़रते है! Status (Contacts) + # Aa 1.3 Rவர जब हम बच्चे थे हमारे बुजुर्ग मालिक के नाम से डरते थे अब हम बुजुर्ग बन रहें बच्चे मालिक को हमारे ताक में रखते बेईमानी करने से नहीं ड़रते है! Status (Contacts) + # - ShareChat