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#jai shree ram jai shree ram jai shree ram jai shree ram jai shree ram #📙वेदों का ज्ञान #👏भगवान विष्णु की अद्भुत लीला😇 #🙏भगवान विष्णु की कथाएं📙
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jai shree ram - ऊँ श्री रामचरितमानस बालकाण्ड 3ঁ অয্র ৪ী মীনাহাম सुआसिनिन्ह सुख कोहबरहिं आने कुअँर कुअँरि पाइ कै। अति प्रीति लौकिक रीति लागीं करन मंगल गाइ कै।। लहकौरि गौरि सिखाव रामहि सीय सन सारद कहैं। रनिवासु हास बिलास रस बस जन्म को फलु सब 81!21| भावार्थः सुहागिनी स्त्रियाँ सुख पाकर कुँअर और कुमारियों को कोहबर (कुलदेवता के स्थान) में लाईं और अत्यन्त प्रेम से मंगल गीत गा-्गाकर लौकिक रीति करने लगीं। पार्वतीजी श्री रामचन्द्रजी को लहकौर (वर-्वधू का परस्पर ग्रास देना) सिखाती हैं और सरस्वतीजी सीताजी को सिखाती हैं। रनिवास हास-विलास के आनंद में मग्न है॰ (श्री रामजी और सीताजी को देखनदेखकर) सभी जन्म का परम फल प्राप्त कर रही हैं Il२ II ऊँ श्री रामचरितमानस बालकाण्ड 3ঁ অয্র ৪ী মীনাহাম सुआसिनिन्ह सुख कोहबरहिं आने कुअँर कुअँरि पाइ कै। अति प्रीति लौकिक रीति लागीं करन मंगल गाइ कै।। लहकौरि गौरि सिखाव रामहि सीय सन सारद कहैं। रनिवासु हास बिलास रस बस जन्म को फलु सब 81!21| भावार्थः सुहागिनी स्त्रियाँ सुख पाकर कुँअर और कुमारियों को कोहबर (कुलदेवता के स्थान) में लाईं और अत्यन्त प्रेम से मंगल गीत गा-्गाकर लौकिक रीति करने लगीं। पार्वतीजी श्री रामचन्द्रजी को लहकौर (वर-्वधू का परस्पर ग्रास देना) सिखाती हैं और सरस्वतीजी सीताजी को सिखाती हैं। रनिवास हास-विलास के आनंद में मग्न है॰ (श्री रामजी और सीताजी को देखनदेखकर) सभी जन्म का परम फल प्राप्त कर रही हैं Il२ II - ShareChat