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सबद भीका साहब #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "सबद" को लखि सकै राम को नाम। देइ करि कौल करार बिसारो, बिनु ' जियना भजन हराम II बरनत बेद बेदांत चहूँ जुग , नहिं अस्थिर पावत बिसराम। जोग जज्ञ तप दान नेम ब्रत, भटकत फिरत भर अरु साम Il सुर नर मुनि गन पचि पचि हारे, अंत में मिलत बहुत से लाम। साहब अलख अलेख निकट हीं, घट घट नूर ब्रह्म के धाम II खेाेजत नारद सारद अस अस, समय दिवस अरु जाम। जातु है मिलबे की, gக सुगम उपाय भीखा इह सतगुरु से काम II (भीका) Want . Motivational Videos App "सबद" को लखि सकै राम को नाम। देइ करि कौल करार बिसारो, बिनु ' जियना भजन हराम II बरनत बेद बेदांत चहूँ जुग , नहिं अस्थिर पावत बिसराम। जोग जज्ञ तप दान नेम ब्रत, भटकत फिरत भर अरु साम Il सुर नर मुनि गन पचि पचि हारे, अंत में मिलत बहुत से लाम। साहब अलख अलेख निकट हीं, घट घट नूर ब्रह्म के धाम II खेाेजत नारद सारद अस अस, समय दिवस अरु जाम। जातु है मिलबे की, gக सुगम उपाय भीखा इह सतगुरु से काम II (भीका) Want . Motivational Videos App - ShareChat