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#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - महाधन योग आपने पारासर होरा शास्त्र के अनुसार कुंडली में महाधन योग के बारे में बताया है। आइए इसे संक्षेप में समझते हैंः में शुक्र  स्वराशि २ ७ में और ११वें *पहला योग*: ५वें भाव  में मंगल (एक पर दृष्टि), जिससे व्यक्ति को धन भाव दूसरे  और संपत्ति की प्राप्ति होती है। *दूसरा योग *ः ५वें घर में बुध स्वराशि ३,६ में और (११वें भाव में चंद्र, बृहस्पति और मंगल (एक " पर दृष्टि), दूसरे  जिससे व्यक्ति को धन और यश की प्राप्ति होती है। *तीसरा योग*ः ५वें भाव में शनि स्वराशि १० ११ में और ११वें भाव में सूर्य और चंद्रमा (एक दूसरे पर दृष्टि , जिससे व्यक्ति को धन और पद की प्राप्ति होती है। *चौथा योग *: ५वें भाव में सूर्य अपनी राशि सिंह में और ११वें भाव में शनि, चंद्रमा , बृहस्पति, जिससे व्यक्ति को धन और सम्मान की प्राप्ति होती है। *पांचवां योग*ः ५वें भाव में बृहस्पति अपनी राशि धनु या मीन में और ११वें घर में बुध, जिससे व्यक्ति को धन और ज्ञान की प्राप्ति होती है। छठा योग*ः ५वें भाव में मंगल स्वराशि १,८ में और ११वें पर दृष्टि, जिससे व्यक्ति को धन और भाव में शुक्र, एक মুসই शक्ति की प्राप्ति होती है। *सातवां योग*ः ५वें भाव में चंद्रमा अपनी राशि 4 में और ११वें भाव में शनि की एक दूसरे पर दृष्टि, जिससे व्यक्ति को और सुख की प्राप्ति होती है। 87 अपनी कुंडली में इन योगों के बारे में जानना क्या आप चाहते हैं या इसके प्रभाव को समझना चाहते हैं? महाधन योग आपने पारासर होरा शास्त्र के अनुसार कुंडली में महाधन योग के बारे में बताया है। आइए इसे संक्षेप में समझते हैंः में शुक्र  स्वराशि २ ७ में और ११वें *पहला योग*: ५वें भाव  में मंगल (एक पर दृष्टि), जिससे व्यक्ति को धन भाव दूसरे  और संपत्ति की प्राप्ति होती है। *दूसरा योग *ः ५वें घर में बुध स्वराशि ३,६ में और (११वें भाव में चंद्र, बृहस्पति और मंगल (एक " पर दृष्टि), दूसरे  जिससे व्यक्ति को धन और यश की प्राप्ति होती है। *तीसरा योग*ः ५वें भाव में शनि स्वराशि १० ११ में और ११वें भाव में सूर्य और चंद्रमा (एक दूसरे पर दृष्टि , जिससे व्यक्ति को धन और पद की प्राप्ति होती है। *चौथा योग *: ५वें भाव में सूर्य अपनी राशि सिंह में और ११वें भाव में शनि, चंद्रमा , बृहस्पति, जिससे व्यक्ति को धन और सम्मान की प्राप्ति होती है। *पांचवां योग*ः ५वें भाव में बृहस्पति अपनी राशि धनु या मीन में और ११वें घर में बुध, जिससे व्यक्ति को धन और ज्ञान की प्राप्ति होती है। छठा योग*ः ५वें भाव में मंगल स्वराशि १,८ में और ११वें पर दृष्टि, जिससे व्यक्ति को धन और भाव में शुक्र, एक মুসই शक्ति की प्राप्ति होती है। *सातवां योग*ः ५वें भाव में चंद्रमा अपनी राशि 4 में और ११वें भाव में शनि की एक दूसरे पर दृष्टि, जिससे व्यक्ति को और सुख की प्राप्ति होती है। 87 अपनी कुंडली में इन योगों के बारे में जानना क्या आप चाहते हैं या इसके प्रभाव को समझना चाहते हैं? - ShareChat