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શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - स्ना कैवल स्ाहेब 424p12 5ZEIIHISI सारसापर अद्वैता द्वैत नर्ख्ेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ ६द &्ल च्िन@ृुष धहकल्ज ரிச Aratfeawr '6H74a6d641138] 62304636 ?২ণ৫০৪: slalealgatulllaig uieel-uei @aellad %७थी  %२ेछे, तेभ भाशथी थेs 4949!#ণ,9ু৫্ি, থিrঅণaestegeulsqi Eqla[uql -ತ. :सार+ जेसे मछली पानी से अलग होने परतेरकरदूर चली जाती हे और अपना जीवन खोकरहमेशा केलिएपानी मेंही रहजाती हे।उसी प्रकार, अन्यायिर्योंको अपने मन, वुद्धि अहंकार सभी औरविवेककोकरुणा केसागरसे अलग नर्ही करना चाहिए, वल्कि उन्हे सदा करुणा केसागर केचरण कमर्लों में रखना चाहिए। यदिवे गलती सेभीउनसे अलग होजाते ्है॰ तो उर्न्हें सावधान रहना चाहिएकिवेविवेकउनसे वंध जाएंगे ओर कर्मोकाबंधन बनाएंगे , जो घातककर्म हे। सत् कैवल परमात्मा Govindju स्ना कैवल स्ाहेब 424p12 5ZEIIHISI सारसापर अद्वैता द्वैत नर्ख्ेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ ६द &्ल च्िन@ृुष धहकल्ज ரிச Aratfeawr '6H74a6d641138] 62304636 ?২ণ৫০৪: slalealgatulllaig uieel-uei @aellad %७थी  %२ेछे, तेभ भाशथी थेs 4949!#ণ,9ু৫্ি, থিrঅণaestegeulsqi Eqla[uql -ತ. :सार+ जेसे मछली पानी से अलग होने परतेरकरदूर चली जाती हे और अपना जीवन खोकरहमेशा केलिएपानी मेंही रहजाती हे।उसी प्रकार, अन्यायिर्योंको अपने मन, वुद्धि अहंकार सभी औरविवेककोकरुणा केसागरसे अलग नर्ही करना चाहिए, वल्कि उन्हे सदा करुणा केसागर केचरण कमर्लों में रखना चाहिए। यदिवे गलती सेभीउनसे अलग होजाते ्है॰ तो उर्न्हें सावधान रहना चाहिएकिवेविवेकउनसे वंध जाएंगे ओर कर्मोकाबंधन बनाएंगे , जो घातककर्म हे। सत् कैवल परमात्मा Govindju - ShareChat