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#होली #शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
होली - 04-03-26 होली gerar होली शीत ऋतु के उपरांत बंसत के आगमन और  प्राकृतिक सौन्दर्य का पर्व है, यह पर्व अति प्राचीन माना गया है। होली के चटक के सूचक  रंग ऊर्जा, जीवंतता और आनंद हैं होली का उल्लेख नारद पुराण और भविष्य पुराण में भी मिलता है। इस वर्ष होली की तारीख को लेकर चंद्र ग्रहण और भद्रा काल के कारण संशय है, इस वर्ष चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर से शाम तक रहेगा, इसलिए रंगों की होली 4 मार्च को ही खेली जाएगी। ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंगोत्सव नहीं मनाया जा सकेगा| चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों में देखा जाएगा, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों में। विश्व के परिप्रेक्ष्य में चन्द्र ग्रहण भारतीय समयानुसार अपराह्न ३:२० बजे से प्रारंभ होगा, में ग्रहण ' का प्रारंभ और मध्यकाल दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत भारत में यह ग्रहण शाम ६:०० बजे से ६:४८ बजे तक दिखाई देगा और ६:४८ बजे पर इसका मोक्ष होगा। काशी की परंपरा में फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली मनाई जाती है और देश के अन्य भागों में चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को होली होती है। किंतु इस बार पूर्णिमा के दिन चन्द्र ग्रहण होने के कारण काशीवासी भी प्रतिपदा को ही होली मनाएंगे। इस प्रकार लगभग ११ वर्ष बाद पूरा देश एक साथ होली मनाएगा। 04-03-26 होली gerar होली शीत ऋतु के उपरांत बंसत के आगमन और  प्राकृतिक सौन्दर्य का पर्व है, यह पर्व अति प्राचीन माना गया है। होली के चटक के सूचक  रंग ऊर्जा, जीवंतता और आनंद हैं होली का उल्लेख नारद पुराण और भविष्य पुराण में भी मिलता है। इस वर्ष होली की तारीख को लेकर चंद्र ग्रहण और भद्रा काल के कारण संशय है, इस वर्ष चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर से शाम तक रहेगा, इसलिए रंगों की होली 4 मार्च को ही खेली जाएगी। ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंगोत्सव नहीं मनाया जा सकेगा| चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों में देखा जाएगा, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों में। विश्व के परिप्रेक्ष्य में चन्द्र ग्रहण भारतीय समयानुसार अपराह्न ३:२० बजे से प्रारंभ होगा, में ग्रहण ' का प्रारंभ और मध्यकाल दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत भारत में यह ग्रहण शाम ६:०० बजे से ६:४८ बजे तक दिखाई देगा और ६:४८ बजे पर इसका मोक्ष होगा। काशी की परंपरा में फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली मनाई जाती है और देश के अन्य भागों में चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को होली होती है। किंतु इस बार पूर्णिमा के दिन चन्द्र ग्रहण होने के कारण काशीवासी भी प्रतिपदा को ही होली मनाएंगे। इस प्रकार लगभग ११ वर्ष बाद पूरा देश एक साथ होली मनाएगा। - ShareChat