#GodMorningSaturday
कबीर, गुरु सीढ़ी से उतरे, शब्द बिहूना होय। ताको काल घसीटही, राख सकै ना कोय।।
भावार्थ :- गुरु से नाम दीक्षा लेकर जो मर्यादा तोड़ देता है, वह अगले जन्म में भैंस के काटड़े के रूप में जन्म लेगा। जो गुरु जी से आडा-टेढ़ा (अशब्द) बोलता है, वह पशु बनेगा। #santrampaljimaharaj


