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#🤲कुरान संदेश #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🌙इस्लाम धर्म🕌
🤲कुरान संदेश - वे लोग (काफ़िर) जिनकी रूहें फ़रिश्ते इस हाल में कब्ज़ करते हैं कि वे अपनी जानों पर ज़ुल्म कर रहे होते हैं, तो वे (शर्मिंदा होकर) सरेंडर कर देते हैं और कहते हैं, '्हम कोई बुराई नहीं करते थे।' (फ़रिश्ते जवाब देते हैं), क्यों नहीं, अल्लाह तो खूब जानता है जो कुछ तुम करते थे।' हमेशा जहन्नम में रहने के लिये लिहाज़ा 3q उसके दरवाज़ों में दाख़िल हो जाओ, क्योंकि तकब्बुर करने वालों का यही बुरा ठिकाना है। Surah No 16 Ayat NO. 28-29 वे लोग (काफ़िर) जिनकी रूहें फ़रिश्ते इस हाल में कब्ज़ करते हैं कि वे अपनी जानों पर ज़ुल्म कर रहे होते हैं, तो वे (शर्मिंदा होकर) सरेंडर कर देते हैं और कहते हैं, '्हम कोई बुराई नहीं करते थे।' (फ़रिश्ते जवाब देते हैं), क्यों नहीं, अल्लाह तो खूब जानता है जो कुछ तुम करते थे।' हमेशा जहन्नम में रहने के लिये लिहाज़ा 3q उसके दरवाज़ों में दाख़िल हो जाओ, क्योंकि तकब्बुर करने वालों का यही बुरा ठिकाना है। Surah No 16 Ayat NO. 28-29 - ShareChat