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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #🙏🏻माँ तुझे सलाम #आज जिनकी पुण्यतिथि है
बलिदान दिवस - पर आजादी तो केवल चरखे से? ये क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय थे और क्रांतिकारी दल के सदस्य थे। ने ढाका के उपमंडलीय अधिकारी के घर कालीपद मुखर्जी पर कामाक्षय सेन, जो विशेष मजिस्ट्रेट था, को गोली मार दी थी। से इन्हें २७ जून, १९३२ को गिरफ्तार कर इसी लिया गया। पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें फांसी कालीपद मुखर्जी सुनाई गई। की सजा १६ फरवरी, १९३५ को कालीपद को ढाका के मुखर्जी केंद्रीय कारागृह में फांसी पर लटका दिया गया। 8 कालीपद मुखर्जी १६ फरवरी १९३३ फांसी पर आजादी तो केवल चरखे से? ये क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय थे और क्रांतिकारी दल के सदस्य थे। ने ढाका के उपमंडलीय अधिकारी के घर कालीपद मुखर्जी पर कामाक्षय सेन, जो विशेष मजिस्ट्रेट था, को गोली मार दी थी। से इन्हें २७ जून, १९३२ को गिरफ्तार कर इसी लिया गया। पर मुकदमा चलाया गया और उन्हें फांसी कालीपद मुखर्जी सुनाई गई। की सजा १६ फरवरी, १९३५ को कालीपद को ढाका के मुखर्जी केंद्रीय कारागृह में फांसी पर लटका दिया गया। 8 कालीपद मुखर्जी १६ फरवरी १९३३ फांसी - ShareChat