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#☝ मेरे विचार #📖 कविता और कोट्स✒️
☝ मेरे विचार - सुनकर चार लोगों की बातें अपने दिल की सुन नहीं पाये, ख्वाब थे आँखों में लेकिन... उन्हें हकीक़त में बुन नहीं पाये, चुप रह गए हालातों के आगे. आखिर कुछ कह नहीं पाये, इतनी थी बंदिशें चारों तरफ, कि॰ ख्वाहिशें आज़ाद कर नहीं पाये।। शुभम श्रीवास्तव | tangled feelings  सुनकर चार लोगों की बातें अपने दिल की सुन नहीं पाये, ख्वाब थे आँखों में लेकिन... उन्हें हकीक़त में बुन नहीं पाये, चुप रह गए हालातों के आगे. आखिर कुछ कह नहीं पाये, इतनी थी बंदिशें चारों तरफ, कि॰ ख्वाहिशें आज़ाद कर नहीं पाये।। शुभम श्रीवास्तव | tangled feelings - ShareChat