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शेर दीप्ति मिश्रा #✒ शायरी
✒ शायरी - हक़ीक़त की तह तक पहुंच तो गये हैं मगर सच को खुद में उतारेगें कैसे ना जीने की चाहत न मरने की हसरत दिन यूंही जिन्दगी के गुजारेगें कैसे दीप्ति मिश्रा @myquote हक़ीक़त की तह तक पहुंच तो गये हैं मगर सच को खुद में उतारेगें कैसे ना जीने की चाहत न मरने की हसरत दिन यूंही जिन्दगी के गुजारेगें कैसे दीप्ति मिश्रा @myquote - ShareChat