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#bht aai gai yade mgr is bar tum aana #zindagi me pahli bar is dil ne kisi ke dil ko chaha tha #tum aaj to pathar bar sa lo tum rooge is pagal ke liye
bht aai gai yade mgr is bar tum aana - जिसके पास चली गयी मेरी ज़मीन उसी के पास अब मेरी बारिश भी चली गयी : : अब जो घिरती हैं काली घटाएं उसी के लिए घिरती है हैं कोयलें उसी के लिए कूकती उसी के लिए उठती है धरती के सीने से सोंधी सुगंध अब नहीं मेरे लिए हल नही बैल नही खेतों की गैल नहीं एक हरी बूँद नहीं तोते नहीं, ताल नहीं, नदी नहीं, आर्द्रा नक्षत्र नहीं, कजरी मल्हाहर नहीं मेरे लिए जिसकी नहीं कोई जमीन उसका नहीं कोई आसमान। जिसके पास चली गयी मेरी ज़मीन उसी के पास अब मेरी बारिश भी चली गयी : : अब जो घिरती हैं काली घटाएं उसी के लिए घिरती है हैं कोयलें उसी के लिए कूकती उसी के लिए उठती है धरती के सीने से सोंधी सुगंध अब नहीं मेरे लिए हल नही बैल नही खेतों की गैल नहीं एक हरी बूँद नहीं तोते नहीं, ताल नहीं, नदी नहीं, आर्द्रा नक्षत्र नहीं, कजरी मल्हाहर नहीं मेरे लिए जिसकी नहीं कोई जमीन उसका नहीं कोई आसमान। - ShareChat