MD.Asif Faizabadi
578 views • 7 months ago
बांग्लादेश में दीपू दास की हत्या निंदनीय है। भारत को इस मामले में दख़ल देना चाहिए। अब सवाल जाह्नवी जैसी ‘अदाकाराओं’ से है। जिनके पास की नज़र इतनी कमज़ोर है कि इन्हें ओडिशा में बांग्लादेशी बताकर लिंच करके मार दिए गए जुएल शेख नहीं दिखे, बिहार में धार्मिक पहचान के आधार पर लिंच करके मार दिए गए अतहर हुसैन नहीं दिखे, केरल में बांग्लादेशी बताकर लिंच करके मार दिए गए रामनारायण बघेल नहीं दिखे। ये तीनों घटनाएँ इसी महीने में हुई हैं। लेकिन जिनकी आंखों पर सियासी चश्मा चढ़ जाए उन्हें ये सब कैसे दिखेगा! बेगुनाह, निहत्था इंसान दुनिया के चाहे जिस कोने में मारा जाए, उस पर वो कलेजे तड़प उठते हैं, जिसमें इंसानियत धड़कती है #Breakingnews #💐 آداب 👐 #👨🏻🏫لوگوں کے لئے سیکھ🧑🤝🧑 #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻
12 likes
13 shares