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चौपाई राम चरित्र मानस #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - " चौपाई ' নিনু মলয নিনব্ধ ন ৪ীsi राम कृपा बिनु सुलभ न सोई II सुधरहिं सत्संगति पाई। सठ सुहाईII पारस परस कुघात भावार्थः सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और राम जी की कृपा के बिना वह सत्संग नहीं मिलता, सत्संगति आनंद और कल्याण की जड़ है। दुष्ट भी सत्संगति पाकर सुधर जाते हैं जैसे पारस के स्पर्श से लोहा सुंदर सोना बन जाता है। (राम चरित्र मानस) Motivational Videos App Want . " चौपाई ' নিনু মলয নিনব্ধ ন ৪ীsi राम कृपा बिनु सुलभ न सोई II सुधरहिं सत्संगति पाई। सठ सुहाईII पारस परस कुघात भावार्थः सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और राम जी की कृपा के बिना वह सत्संग नहीं मिलता, सत्संगति आनंद और कल्याण की जड़ है। दुष्ट भी सत्संगति पाकर सुधर जाते हैं जैसे पारस के स्पर्श से लोहा सुंदर सोना बन जाता है। (राम चरित्र मानस) Motivational Videos App Want . - ShareChat