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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - बहन का खामोश रिश्ता अब पहले जैसा भैया, बहन बोलीः 4 3 बात क्यों नहीं करते? भाई मुस्कुराया, " पगली , जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं।" बहन चुप हो गई, पर उसे याद था बचपन में वही भैया उसके बिना खाना नहीं खाते थे। वही हर छोटी बात पर उसके लिए लड़ जाते थे। समय बदला , घर की हालत बदली , और भैया जल्दी बड़े हो गए। अपनी पढ़ाई छोड़कर नौकरी पकड़ ली॰ ताकि बहन की पढ़ाई ना रुके। बाहर से सख्त दिखने वाला भाई अंदर से आज भी वही नरम दिल था। एक रात बहन ने उसे छुपकर रोते देखा। अगले दिन उसने बिना कुछ कहे चाय बनाकर दी। भाई समझ गया। कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं , एहसास से चलते हैं। भाई-्बहन का प्यार दिखता कम है, पर सबसे गहरा होता है बहन का खामोश रिश्ता अब पहले जैसा भैया, बहन बोलीः 4 3 बात क्यों नहीं करते? भाई मुस्कुराया, " पगली , जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं।" बहन चुप हो गई, पर उसे याद था बचपन में वही भैया उसके बिना खाना नहीं खाते थे। वही हर छोटी बात पर उसके लिए लड़ जाते थे। समय बदला , घर की हालत बदली , और भैया जल्दी बड़े हो गए। अपनी पढ़ाई छोड़कर नौकरी पकड़ ली॰ ताकि बहन की पढ़ाई ना रुके। बाहर से सख्त दिखने वाला भाई अंदर से आज भी वही नरम दिल था। एक रात बहन ने उसे छुपकर रोते देखा। अगले दिन उसने बिना कुछ कहे चाय बनाकर दी। भाई समझ गया। कुछ रिश्ते शब्दों से नहीं , एहसास से चलते हैं। भाई-्बहन का प्यार दिखता कम है, पर सबसे गहरा होता है - ShareChat