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#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #❤️जीवन की सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈
✍मेरे पसंदीदा लेखक - #I लोक का कार्य वानप्रस्थ लेकर सभी को करना चाहिए। एक न्यायप्रिय राजा साधु वेश में अपनी प्रजा की खैर-खबर लेने  निकला । जब कभी वह जनता के दुःख दरद को सुनने निकलता, तो किसी अँगरक्षक या मंत्री को साथ मेँ नहीं लेता था और न राज्य  के अधिकारियों को किसी प्रकार को सूचना देता। कितने ही व्यक्तियों से संपर्क करते हुए वह एक बगीचे में पहुँचा 1 वहाँ एक  ने पूछा वृद्ध माली नया पौधा लगा रहा था। उसे देखकर राजा  यह तो अखरोट जैसा पौधा मालूम पड़ता है। ' हाँ! हाँ! ೪ಷ; तुम्हारा अनुमान ठीक है। माली का उत्तर था।  अखरोट तो बीस् - बाईंस वर्षोँ में फलता है, तब तक क्या इस पौधे के फल खाने के बात यह है कि हमारे लिए बैठे रहोगे। ' माली ने उत्तर दिया - बाप- दादा ने इस बगीचे को लगाया था। खून - पसीना एक करके  सीँचा , देख-भाल की और फल हम लोगों ने खाए। अब इसको ন লিব লবা ঐ ! भी तो यह कर्त्तव्य है कि कुछ वृक्ष  दूसरों  डम्पना खाने केलिए पेड़ लगाना, तो स्वार्थ की बात होगी । मैं यह आज इस पौधे की क्या उपयोगिता है ? यह भी भवस्येचं ढूसरूँ किो को फल प्रदान करे, बस यही इच्छा है दूसरों  ೧೩೯ ೧೨೫೫೫ ೪#೫ ೯೩೦೨೨ # # #೩೫೫೫೫ K#೫೩೩೫ ೫೫ %೪ ೩೮೩ # #೫೪ ###೫#೫-೫ೇ೭೬೫##೫೬೫ #೫೪೪೬#೪ धर्परहित जीवन तो वास्तव में मृत्यु है। #I लोक का कार्य वानप्रस्थ लेकर सभी को करना चाहिए। एक न्यायप्रिय राजा साधु वेश में अपनी प्रजा की खैर-खबर लेने  निकला । जब कभी वह जनता के दुःख दरद को सुनने निकलता, तो किसी अँगरक्षक या मंत्री को साथ मेँ नहीं लेता था और न राज्य  के अधिकारियों को किसी प्रकार को सूचना देता। कितने ही व्यक्तियों से संपर्क करते हुए वह एक बगीचे में पहुँचा 1 वहाँ एक  ने पूछा वृद्ध माली नया पौधा लगा रहा था। उसे देखकर राजा  यह तो अखरोट जैसा पौधा मालूम पड़ता है। ' हाँ! हाँ! ೪ಷ; तुम्हारा अनुमान ठीक है। माली का उत्तर था।  अखरोट तो बीस् - बाईंस वर्षोँ में फलता है, तब तक क्या इस पौधे के फल खाने के बात यह है कि हमारे लिए बैठे रहोगे। ' माली ने उत्तर दिया - बाप- दादा ने इस बगीचे को लगाया था। खून - पसीना एक करके  सीँचा , देख-भाल की और फल हम लोगों ने खाए। अब इसको ন লিব লবা ঐ ! भी तो यह कर्त्तव्य है कि कुछ वृक्ष  दूसरों  डम्पना खाने केलिए पेड़ लगाना, तो स्वार्थ की बात होगी । मैं यह आज इस पौधे की क्या उपयोगिता है ? यह भी भवस्येचं ढूसरूँ किो को फल प्रदान करे, बस यही इच्छा है दूसरों  ೧೩೯ ೧೨೫೫೫ ೪#೫ ೯೩೦೨೨ # # #೩೫೫೫೫ K#೫೩೩೫ ೫೫ %೪ ೩೮೩ # #೫೪ ###೫#೫-೫ೇ೭೬೫##೫೬೫ #೫೪೪೬#೪ धर्परहित जीवन तो वास्तव में मृत्यु है। - ShareChat