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#संभव विडंबना भी
संभव विडंबना भी - संभव विडंबना भी है साथ नव सृजन के उल्लास तो बढ़ेंगे , परिहास कम न होंगे अलगाव की विवशता  हरदम निकट रही इतना प्रयत्न फिरभी दूरी न घट रही है होगा विकास फिर भी संभाव्य विपर्यय आवास तो बढ़ेंगे , वनवास कम न होंगे। में हो परिणाम पक्ष परितोष पर न होगा हो प्राप्त सफलताएं संतोष पर न होगा हर प्राप्ति में विफलता का बोध शेष होगा हों भोज अधिक फिर भी उपवास कम न होंगे भौतिक पदार्थवादी उपलब्धियां बढेंगी रक्तों रंगी वसीयत क्या पीढ़ियां पढ़ेंगी? उपभोग्य वस्तुओं में है वस्तु  आदमी भी सपन्नता बढ़ेगी , संत्रास कम न होंँगे। संभव विडंबना भी है साथ नव सृजन के उल्लास तो बढ़ेंगे , परिहास कम न होंगे अलगाव की विवशता  हरदम निकट रही इतना प्रयत्न फिरभी दूरी न घट रही है होगा विकास फिर भी संभाव्य विपर्यय आवास तो बढ़ेंगे , वनवास कम न होंगे। में हो परिणाम पक्ष परितोष पर न होगा हो प्राप्त सफलताएं संतोष पर न होगा हर प्राप्ति में विफलता का बोध शेष होगा हों भोज अधिक फिर भी उपवास कम न होंगे भौतिक पदार्थवादी उपलब्धियां बढेंगी रक्तों रंगी वसीयत क्या पीढ़ियां पढ़ेंगी? उपभोग्य वस्तुओं में है वस्तु  आदमी भी सपन्नता बढ़ेगी , संत्रास कम न होंँगे। - ShareChat