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#राधे राधे
राधे राधे - इंसान किसी का भाग्य नहीं बदल सकता भले ही वे कोई भी क्यूं न हो | एक बार भगवान कृष्ण और अर्जुन रथ पर सवार होकर कहीं जा रहे होते है। उनके सामने एक निर्धन व्यक्ति जो बहुत ही गरीब था आ जाता है | और वह व्यक्ति देखता है कि भगवान कृष्ण आ रहें हैं और वह बडी श्रद्धा से उसको नमस्कार करता है। तभी अर्जुन उस इंसान को बहुत सारी सोने की मोहरें देता है। और भगवान कृष्ण और अर्जुन वहां से चले जाते हैं | जैसे ही वह इंसान अपने घर जाता हैं तो उसके पड़ोसी रात्रि में सारा धन चुरा लेते हैं। और वह इंसान फिर दुखी हो जाता है। ऐसे ही कुछ्ठ समय बाद फिर भगवान कृष्ण और अर्जुन उसी  इंसान मिलते हैं। तो अर्जुन उस के हालात देखकर बहुत हैरान होता है और कहता है कि जो धन दिया था उसका क्या हुआ। वह इंसान सब बात बता देता है। तो अर्जुन फिर से उसे एक हीरा देता है, तो वह इंसान खुश होकर नमस्कार करता है और चला जाता है। लेकिन रास्ते में उसे प्यास लगती है। तो जैसे ही वह पानी पीने लगता है तो वह हीरा नदी में गिर जाता है। और वह इंसान फिर ही कुछ्  से दुखी हो जाता है। ऐसे समय बाद फिर भगवान और अर्जुन उसी इंसान को मिलते हैं। तो अर्जुन उस इंसान की अवस्था देखकर बहुत ही हैरान होता है। और वह इंसान फिर सारी बात बता देता है की वह हीरा पानी में गिर गया। तभी भगवान कृष्ण उस इंसान पर दया आती है और भगवान कृष्ण उस इंसान को एक सिक्का देते हैं। और कहते हैं जायों वह इंसान फिर से नमस्कार करता है और चला जाता हैं। और सोचता है कि एक सिक्के का क्या आयेगा और वह इंसान एक सिक्के की एक मछली खरीद लेता है। और घर जाकर जैसे ही वह मछली को काटता है तो उसके पेट में वही हीरा होता है। और वह इंसान बहुत खुश हों जाता है। और जोर जोर से चिल्लाने लगता है कि मेरा धन मुझे मिल गया। और उधर पड़ोसी भी यही बात सुनकर डर जाते इस। और सोचते है कि शायद उसे पता चल गया है कि धन हमने चुराया है। और पड़ोेसी भी रात्रि में धन उसके घर रख देते हैंl और इस तरह उसे सारा धन मिल जाता है अब यहां सोचें कि पहले अर्जुन ने उस इंसान को सोने के सिक्के दिये और हीरा भी दिया लेकिन भगवान कृष्ण ने सिर्फ एक सिक्का ही दिया और उसे सब कुछ्ठ प्राप्त हो गया। इस लिए भगवान को सब पता रहता है कि इंसान को कब क्या और कितना देना है 7979 इंसान किसी का भाग्य नहीं बदल सकता भले ही वे कोई भी क्यूं न हो | एक बार भगवान कृष्ण और अर्जुन रथ पर सवार होकर कहीं जा रहे होते है। उनके सामने एक निर्धन व्यक्ति जो बहुत ही गरीब था आ जाता है | और वह व्यक्ति देखता है कि भगवान कृष्ण आ रहें हैं और वह बडी श्रद्धा से उसको नमस्कार करता है। तभी अर्जुन उस इंसान को बहुत सारी सोने की मोहरें देता है। और भगवान कृष्ण और अर्जुन वहां से चले जाते हैं | जैसे ही वह इंसान अपने घर जाता हैं तो उसके पड़ोसी रात्रि में सारा धन चुरा लेते हैं। और वह इंसान फिर दुखी हो जाता है। ऐसे ही कुछ्ठ समय बाद फिर भगवान कृष्ण और अर्जुन उसी  इंसान मिलते हैं। तो अर्जुन उस के हालात देखकर बहुत हैरान होता है और कहता है कि जो धन दिया था उसका क्या हुआ। वह इंसान सब बात बता देता है। तो अर्जुन फिर से उसे एक हीरा देता है, तो वह इंसान खुश होकर नमस्कार करता है और चला जाता है। लेकिन रास्ते में उसे प्यास लगती है। तो जैसे ही वह पानी पीने लगता है तो वह हीरा नदी में गिर जाता है। और वह इंसान फिर ही कुछ्  से दुखी हो जाता है। ऐसे समय बाद फिर भगवान और अर्जुन उसी इंसान को मिलते हैं। तो अर्जुन उस इंसान की अवस्था देखकर बहुत ही हैरान होता है। और वह इंसान फिर सारी बात बता देता है की वह हीरा पानी में गिर गया। तभी भगवान कृष्ण उस इंसान पर दया आती है और भगवान कृष्ण उस इंसान को एक सिक्का देते हैं। और कहते हैं जायों वह इंसान फिर से नमस्कार करता है और चला जाता हैं। और सोचता है कि एक सिक्के का क्या आयेगा और वह इंसान एक सिक्के की एक मछली खरीद लेता है। और घर जाकर जैसे ही वह मछली को काटता है तो उसके पेट में वही हीरा होता है। और वह इंसान बहुत खुश हों जाता है। और जोर जोर से चिल्लाने लगता है कि मेरा धन मुझे मिल गया। और उधर पड़ोसी भी यही बात सुनकर डर जाते इस। और सोचते है कि शायद उसे पता चल गया है कि धन हमने चुराया है। और पड़ोेसी भी रात्रि में धन उसके घर रख देते हैंl और इस तरह उसे सारा धन मिल जाता है अब यहां सोचें कि पहले अर्जुन ने उस इंसान को सोने के सिक्के दिये और हीरा भी दिया लेकिन भगवान कृष्ण ने सिर्फ एक सिक्का ही दिया और उसे सब कुछ्ठ प्राप्त हो गया। इस लिए भगवान को सब पता रहता है कि इंसान को कब क्या और कितना देना है 7979 - ShareChat