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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - बिभूते गजाइब गनीमैए अजाइब हरीअ करीअ करीमलु रहीमे 0 RI गोबिंद सिंह जी की यह वाणी वीर रस और भक्ति रस का श्री गुरु ' अद्भुत संगम है। अजाइब , गजाइब, गनीम, करीम, रहीमः ये अरबी और फ़ारसी मूल के शब्द हैं। बिभूते  हरीअ, करीअंः ये संस्कृत और भिखारी में गुरु " साहिब ने संस्कृत, अरबी अपभ्रंश मूल के शब्द हैं। इन पंक्तियों ' और फारसी के शब्दों का सुंदर मेल किया है, जो यह दर्शाता है कि जिओ ईश्वर किसी एक भाषा या धर्म की सीमाओं में नहीं बँधा है, ईश्वर की स्तुति किसी एक भाषा की मोहताज नहीं थी। वे परमात्मा को सभी भाषाओं का ज्ञाता मानते थे। इन पंक्तियों में ईश्वर को एक साथ 46TST विनाशक (हरीअं) और रचनाकार (करीअं) कहा गया है। यह दर्शाता है कि जन्म और मृत्यु दोनों उसी के हुक्म का हिस्सा हैं। श्री गुरु वाले गोबिंद सिंह जी ने यहाँ करीम और रहीम जैसे शब्दों का प्रयोग कर यह स्पष्ट किया है कि जिस ईश्वर को हम अकाल पुरख कहते हैं वही बाबा अल्लाह और रहीम भी है। यह भक्तों को ढांढस बंधाता है कि परमात्मा केवल एक डराने वाली शक्ति नहीं है, बल्कि वह एक प्रेम जी करने वाला पिता भी है जो गलतियों को माफ करता है। एक तरफ का दमन करने वाला गनीमे शक्तिशाली योद्धा है, तो शत्रुओं ' वह तरफ वह अत्यंत दयालु रहीम पिता भी है। दूसरी ' बिभूते गजाइब गनीमैए अजाइब हरीअ करीअ करीमलु रहीमे 0 RI गोबिंद सिंह जी की यह वाणी वीर रस और भक्ति रस का श्री गुरु ' अद्भुत संगम है। अजाइब , गजाइब, गनीम, करीम, रहीमः ये अरबी और फ़ारसी मूल के शब्द हैं। बिभूते  हरीअ, करीअंः ये संस्कृत और भिखारी में गुरु " साहिब ने संस्कृत, अरबी अपभ्रंश मूल के शब्द हैं। इन पंक्तियों ' और फारसी के शब्दों का सुंदर मेल किया है, जो यह दर्शाता है कि जिओ ईश्वर किसी एक भाषा या धर्म की सीमाओं में नहीं बँधा है, ईश्वर की स्तुति किसी एक भाषा की मोहताज नहीं थी। वे परमात्मा को सभी भाषाओं का ज्ञाता मानते थे। इन पंक्तियों में ईश्वर को एक साथ 46TST विनाशक (हरीअं) और रचनाकार (करीअं) कहा गया है। यह दर्शाता है कि जन्म और मृत्यु दोनों उसी के हुक्म का हिस्सा हैं। श्री गुरु वाले गोबिंद सिंह जी ने यहाँ करीम और रहीम जैसे शब्दों का प्रयोग कर यह स्पष्ट किया है कि जिस ईश्वर को हम अकाल पुरख कहते हैं वही बाबा अल्लाह और रहीम भी है। यह भक्तों को ढांढस बंधाता है कि परमात्मा केवल एक डराने वाली शक्ति नहीं है, बल्कि वह एक प्रेम जी करने वाला पिता भी है जो गलतियों को माफ करता है। एक तरफ का दमन करने वाला गनीमे शक्तिशाली योद्धा है, तो शत्रुओं ' वह तरफ वह अत्यंत दयालु रहीम पिता भी है। दूसरी ' - ShareChat