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#🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🕋जुम्मा मुबारक🤲 - '1I*UIq ٦١ ٦؟١؟ ١٦٦١ ٦«٩١ I T೧Iul ٦ ١ DI| कियाः "या रसूलल्लाह #५l&, वह तो फ़ौत हो गई, और उसे यह सुनकर नबी #५६ को बहुत अफ़सोस दफ़्न कर दिया गया। " हुआ और आपने फरमायाः "तुम लोगों ने मुझे बताया क्यों 762" फिर रसूलुल्लाह #५६ उस औरत की क़ब्र पर तशरीफ़ ले गए, उसकी क़ब्र पर नमाज़ पढ़ी, और दुआ फरमाई। फिर आपने फरमायाः "ये क़ब्रें अपने रहने वालों के लिए अँधेरों से भरी होती हैं, और अल्लाह मेरी नमाज़ की वजह से इन्हें रौशन कर देता है।" (सहीह # बुख़ारी, ४५८ सहीह #मुस्लिम ९५६) #सबकः अल्लाह के नज़दीक इज़्ज़त शोहरत से नहीं, इख़लास और ख़िदमत से मिलती है।जो अल्लाह के घर की सफ़ाई करता है, अल्लाह उसके आख़िरत को रौशन कर देता है। कभी किसी छोटे काम को छोटा मत समझो हो सकता है वही काम तुम्हें जन्नत के क़रीब कर दे। '1I*UIq ٦١ ٦؟١؟ ١٦٦١ ٦«٩١ I T೧Iul ٦ ١ DI| कियाः "या रसूलल्लाह #५l&, वह तो फ़ौत हो गई, और उसे यह सुनकर नबी #५६ को बहुत अफ़सोस दफ़्न कर दिया गया। " हुआ और आपने फरमायाः "तुम लोगों ने मुझे बताया क्यों 762" फिर रसूलुल्लाह #५६ उस औरत की क़ब्र पर तशरीफ़ ले गए, उसकी क़ब्र पर नमाज़ पढ़ी, और दुआ फरमाई। फिर आपने फरमायाः "ये क़ब्रें अपने रहने वालों के लिए अँधेरों से भरी होती हैं, और अल्लाह मेरी नमाज़ की वजह से इन्हें रौशन कर देता है।" (सहीह # बुख़ारी, ४५८ सहीह #मुस्लिम ९५६) #सबकः अल्लाह के नज़दीक इज़्ज़त शोहरत से नहीं, इख़लास और ख़िदमत से मिलती है।जो अल्लाह के घर की सफ़ाई करता है, अल्लाह उसके आख़िरत को रौशन कर देता है। कभी किसी छोटे काम को छोटा मत समझो हो सकता है वही काम तुम्हें जन्नत के क़रीब कर दे। - ShareChat