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#आज जिनकी जयन्ती है #आज जिनकी जयंती है
आज जिनकी जयन्ती है - १९८७ में सियाचिन ग्लेशियर को पाकिस्तान के ম সুক कब्जे कराने के अभियान में असाधारण पराक्रम प्रदर्शन करने के लिए কা परमवीर चक्र से सम्मानित नायब सूबेदार बाना सिंह जन्म जनवरी १९४९ 0 आपको जन्मदिन एवं नव वर्षकी अनंत शुभकामनाएं कायद पोस्ट की सपाट दीवार परजो कि बर्फकी बर्नीथी उस पर चढना बेहद कठिन ओरजोखिम भरा काम था। भी कई बारइस दीवार पर चढनेने॰की कोशिश  इसके  पहले हिन्दुस्तानी सेनिको कीथी ओर नाकाम रहे थे। रात का तापमान शून्य सेभी तीस डिग्री नीचे गिरा हुआ था। तेज हवाए चल रहीथी। पिछले तीन दिनों से लगातार जवरदस्त  बर्फ गिर रही थी। भयकर सर्दी के कारण बन्दूरके भी ठीक  काम नही कर रही थी। खेर, अधेरे का फापदा उठाते ढए  बाना सिह ओर उनकी टीम आगे बढी रही थी। रास्ते मे उन्हे के शवःभी पड़ी दिख रहे थे जिन्होने उन भारतीय  बहादुरों  थे।जेर तेसे बाना सिह  के रास्ते मे प्राण गेवाए ழ44 67 अपने साथियों को लेकर ठीक ऊपर तक पहुँचने में कामयाव  हो गये। वहा पहुच कर उसने अपने दल को दो हिस्सें मे॰ बोटकरदो दिशाओं मे तेनात किया ओरफिरउस कापद पोस्ट पर ग्रेनेड फेकने शुरू किया। वहा बने बकरों मे ग्रेनेडने ने दुश्मन  दिखाया। सायही दलके जवानो 42 अपरना काम के सेनिको को जोकिउस चोकी परथे बेनेटसे मोत के पाट उतारना शुरू कर दिया। बहा पर पाकिस्तान के स्पेशल  सर्विस ग्ृप (SSG) के कमाडो तेनात थेजो इस अचानक  हमले मे मारे गएओ कुछ चोकी छोड़कर भाग निकले। कुछ ही देरमे वह चोकी के हाथसे भारतीय दुश्मनों  क बहादुरों  सिह हाथ मेआ गई। मोर्चा फ़तह हुआ था। बाना  মমন उनका दल सही सलामत उस पर काविज हो गया। १९८७ में सियाचिन ग्लेशियर को पाकिस्तान के ম সুক कब्जे कराने के अभियान में असाधारण पराक्रम प्रदर्शन करने के लिए কা परमवीर चक्र से सम्मानित नायब सूबेदार बाना सिंह जन्म जनवरी १९४९ 0 आपको जन्मदिन एवं नव वर्षकी अनंत शुभकामनाएं कायद पोस्ट की सपाट दीवार परजो कि बर्फकी बर्नीथी उस पर चढना बेहद कठिन ओरजोखिम भरा काम था। भी कई बारइस दीवार पर चढनेने॰की कोशिश  इसके  पहले हिन्दुस्तानी सेनिको कीथी ओर नाकाम रहे थे। रात का तापमान शून्य सेभी तीस डिग्री नीचे गिरा हुआ था। तेज हवाए चल रहीथी। पिछले तीन दिनों से लगातार जवरदस्त  बर्फ गिर रही थी। भयकर सर्दी के कारण बन्दूरके भी ठीक  काम नही कर रही थी। खेर, अधेरे का फापदा उठाते ढए  बाना सिह ओर उनकी टीम आगे बढी रही थी। रास्ते मे उन्हे के शवःभी पड़ी दिख रहे थे जिन्होने उन भारतीय  बहादुरों  थे।जेर तेसे बाना सिह  के रास्ते मे प्राण गेवाए ழ44 67 अपने साथियों को लेकर ठीक ऊपर तक पहुँचने में कामयाव  हो गये। वहा पहुच कर उसने अपने दल को दो हिस्सें मे॰ बोटकरदो दिशाओं मे तेनात किया ओरफिरउस कापद पोस्ट पर ग्रेनेड फेकने शुरू किया। वहा बने बकरों मे ग्रेनेडने ने दुश्मन  दिखाया। सायही दलके जवानो 42 अपरना काम के सेनिको को जोकिउस चोकी परथे बेनेटसे मोत के पाट उतारना शुरू कर दिया। बहा पर पाकिस्तान के स्पेशल  सर्विस ग्ृप (SSG) के कमाडो तेनात थेजो इस अचानक  हमले मे मारे गएओ कुछ चोकी छोड़कर भाग निकले। कुछ ही देरमे वह चोकी के हाथसे भारतीय दुश्मनों  क बहादुरों  सिह हाथ मेआ गई। मोर्चा फ़तह हुआ था। बाना  মমন उनका दल सही सलामत उस पर काविज हो गया। - ShareChat