ShareChat
click to see wallet page
search
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - 'णल यूँ तेरी रहगुज़र से दीवाना वार  ঘুড়ই काँधे पे अपने रख के अपना मज़ार गुज़रे बैठे हैं रास्ते में दिल का खंडर सजा कर शायद इसी तरफ़ से इक दिन बहार " गुज़रे दार-ओ रसन से दिल तक सब रास्ते अधूरे 4-R जो एक बार गुज़रे गुज़रे बहती हुई ये नदिया " हुए किनारे घुलते कोई तो पार उतरे कोई तो पार ঘুড়াই क़ुर्बान इस नज़र पे मरियम की सादगी भी साए से जिस नज़र के सौ किर्दगार गुज़रे तूने भी हमको देखा हमने भी तुझ को देखा  ही हार गुज़रा हम जान हार गुज़रे तू दिल Rani मीना कुमारी Motivational Videos Appl Want 'णल यूँ तेरी रहगुज़र से दीवाना वार  ঘুড়ই काँधे पे अपने रख के अपना मज़ार गुज़रे बैठे हैं रास्ते में दिल का खंडर सजा कर शायद इसी तरफ़ से इक दिन बहार " गुज़रे दार-ओ रसन से दिल तक सब रास्ते अधूरे 4-R जो एक बार गुज़रे गुज़रे बहती हुई ये नदिया " हुए किनारे घुलते कोई तो पार उतरे कोई तो पार ঘুড়াই क़ुर्बान इस नज़र पे मरियम की सादगी भी साए से जिस नज़र के सौ किर्दगार गुज़रे तूने भी हमको देखा हमने भी तुझ को देखा  ही हार गुज़रा हम जान हार गुज़रे तू दिल Rani मीना कुमारी Motivational Videos Appl Want - ShareChat