ShareChat
click to see wallet page
search
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - सत्य की अकूत शक्ति पर विश्वास कीजिए जो अपनी आत्मा के आगे सच्चा है, जो अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुसार आचरण करता है, जो बनावट, धोखेबाजी चालाकी को तिलांजलि देकर ईमानदारी को अपनी जीवन नीति बनाए हुए है, वह इस दुनियाँ का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति है। सत्य को अपनाने से मनुष्य शक्ति का पुंज बन जाता है महात्मा कनफ्यूशियस कहा करते थे कि सत्य में हजार हाथियों के बराबर बल है, परंतु वस्तुतः सत्य में अपार बल है। उसकी समता भौतिक सृष्टि के किसी भी बल से नहीं हो सकती रखिए झूठ आखिर झूठ ही है। वह आज नहीं तो स्मरण असत्य का जब भंडाफोड़ होता है, तो कल जरूर खुल जाएगा उससे मनुष्य की सारी प्रतिष्ठा नष्ट हो जाती है | उसे अविश्वासी टुच्चा और ओछा आदमी समझा जाने लगता है। झूठ बोलने में लाभ दिखाई पडे़े तो भी आप उसकी ओर থ্রীভা तात्कालिक ललचाइए मत, क्योंकि उस थोड़े लाभ के बदले में अंततः अनेक गुनी हानि होने की संभावना है। आप अपने वचन और कार्यों द्वारा सच्चाई का परिचय दीजिए। सत्य उस चीज के समान है जो आज छोटा दीखता है, में फल-फूल कर विशाल वृक्ष बन जाता है।जो ऊँचा पर अंत प्रतिष्ठायुक्त और सुख-शांति का जीवन बिताने के इच्छुक हों उनका दृढ़ निश्चय होना चाहिए कि हमारे वचन और कार्य सच्चाई से भरे हुए होंगे। ९४७ पृष्ठ १ जुलाई१ अखण्ड न्योति  १०८ सत्य की अकूत शक्ति पर विश्वास कीजिए जो अपनी आत्मा के आगे सच्चा है, जो अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुसार आचरण करता है, जो बनावट, धोखेबाजी चालाकी को तिलांजलि देकर ईमानदारी को अपनी जीवन नीति बनाए हुए है, वह इस दुनियाँ का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति है। सत्य को अपनाने से मनुष्य शक्ति का पुंज बन जाता है महात्मा कनफ्यूशियस कहा करते थे कि सत्य में हजार हाथियों के बराबर बल है, परंतु वस्तुतः सत्य में अपार बल है। उसकी समता भौतिक सृष्टि के किसी भी बल से नहीं हो सकती रखिए झूठ आखिर झूठ ही है। वह आज नहीं तो स्मरण असत्य का जब भंडाफोड़ होता है, तो कल जरूर खुल जाएगा उससे मनुष्य की सारी प्रतिष्ठा नष्ट हो जाती है | उसे अविश्वासी टुच्चा और ओछा आदमी समझा जाने लगता है। झूठ बोलने में लाभ दिखाई पडे़े तो भी आप उसकी ओर থ্রীভা तात्कालिक ललचाइए मत, क्योंकि उस थोड़े लाभ के बदले में अंततः अनेक गुनी हानि होने की संभावना है। आप अपने वचन और कार्यों द्वारा सच्चाई का परिचय दीजिए। सत्य उस चीज के समान है जो आज छोटा दीखता है, में फल-फूल कर विशाल वृक्ष बन जाता है।जो ऊँचा पर अंत प्रतिष्ठायुक्त और सुख-शांति का जीवन बिताने के इच्छुक हों उनका दृढ़ निश्चय होना चाहिए कि हमारे वचन और कार्य सच्चाई से भरे हुए होंगे। ९४७ पृष्ठ १ जुलाई१ अखण्ड न्योति  १०८ - ShareChat