ShareChat
click to see wallet page
search
#श्री मद्भागवत गीता🙏 #कथा सार 📙📔
श्री मद्भागवत गीता🙏 #कथा सार 📙📔 - विचार कर्मके कर्म ही मनुव्य की असली पहचान है, नाम अर पद सी क्षणिक हैं।  1. २. जैसा कर्म करेमे , बैसा ही फ्रल अबश्य मिलेगा| ३. अच्ळे कर्म बिना किसी दिखाबै कै करनें चाहिए " ४. भाग्य भी उन्हीं का साय देता है, जो कर्म में दिशास रखते हैं ही परूजा 7 है, कर्म ही सव्ी अक्ति है। 5. কর্ম समय वदल सकता है, पर कर्मी का हिसाव नहीं वदलता। 6. ७. वुरे कर्म शाया की तरह रपोँळे चलते हैं। ८. सव्ये कर्म से आल्मा को शाति मिलती हैं। ९. कर्म ही भविष्य की नींव तैयार करते हैं 0 १०. इसलिए हर दिन ऐला कर्म कर्रें, जिस पर आपको गर्व हो। विचार कर्मके कर्म ही मनुव्य की असली पहचान है, नाम अर पद सी क्षणिक हैं।  1. २. जैसा कर्म करेमे , बैसा ही फ्रल अबश्य मिलेगा| ३. अच्ळे कर्म बिना किसी दिखाबै कै करनें चाहिए " ४. भाग्य भी उन्हीं का साय देता है, जो कर्म में दिशास रखते हैं ही परूजा 7 है, कर्म ही सव्ी अक्ति है। 5. কর্ম समय वदल सकता है, पर कर्मी का हिसाव नहीं वदलता। 6. ७. वुरे कर्म शाया की तरह रपोँळे चलते हैं। ८. सव्ये कर्म से आल्मा को शाति मिलती हैं। ९. कर्म ही भविष्य की नींव तैयार करते हैं 0 १०. इसलिए हर दिन ऐला कर्म कर्रें, जिस पर आपको गर्व हो। - ShareChat