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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - 130 ٢  ٥٦٥ ٩٦ _4~190911 I7~4I09~9lIHOI आटिजंस कलैक्टिव ) डिजिटल क्रिएटर प्राजक्ता कौली बौलीं॰॰. प्रभावी संवाद के लिए हैवी साइंटिफिक टर्स नहीं, बोलचाल की भाषा अपनाएं सिटी रिपोर्टर युवा अपनी पसंद को लेकर भाषा अपनानी चाहिए। इससे मैसेज जब ज्यादा लोगों जागरूक होते हैं तभी बदलाव की असली शुरुआत  तक पहुंच सकेगा। पीयर स्टोरीटेलिंग को बदलाव का होती है। सिटी पैलेस में आयोजित   पीडीकेएफ मजबूत माध्यम बताते हुए कहा- रिलेटेबल कहानियां  आर्टिजंस कलेक्टिव के दूसरे संस्करण के समापन और क्लियर कॉल टरू एक्शन अवेयरनेस को रियल एज   एजेंट्स चेंजः   एक्टिविज़्म एक्शन में बदल सकती हैं। सस्टेनेबल फैशन पर कोली g पर ऑफ पैनल एडवोकेसी एंड क्राफ्ट ने युवाओं से लोकल ब्रांड्स सपोर्ट करने, थ्रिफ्टिंग  विषय पर डिस्कशन हुआ। इसमें डिजिटल क्रिएटर अपनाने और पॉप-्अप मार्केट्स से जुड़ने की अपील  व ग्लोबल एडवोकेट प्राजक्ता कोली की। उन्होंने कहा कि खरीदारी करते समय 6 सोचना जरूरी है कि चुनी गई वस्तु लॉन्ग-्टर्म वैल्यू की भूमिका पर कहा कि॰ युवाओं फास्ट ्पेस्ड डिजिटल दौर में देती है या नहीं। उनके मुताबिक, सस्टेनेबल फैशन 15 सेकंड की रील्स जैसे शॉर्ट ्फॉर्म  हमेशा महंगी नहीं होती। कई इंडिपेंडेंट सोशल मीडिया ब्रांड्स अफोर्डेबल विकल्प भी दे रहे तक मैसेज कंटेंट युवाओं हैं। रिस्पॉन्सिबल स्टोरीटेलिंग और कॉन्शस प्रभावी কা पहुंचाने जरिया बन चुके हैं। चॉइस के जरिए युवा आर्टिजन कम्युनिटीज  = তল্কীন  सपोर्ट कर सकते है। असली পা कहा प्रभावी संवाद के बदलाव फॉलोअर काउंट हैवी   साइंटिफिक से नहीं, लोकल इंपैक्ट से 76, शुरू होता है। बोलचाल 130 ٢  ٥٦٥ ٩٦ _4~190911 I7~4I09~9lIHOI आटिजंस कलैक्टिव ) डिजिटल क्रिएटर प्राजक्ता कौली बौलीं॰॰. प्रभावी संवाद के लिए हैवी साइंटिफिक टर्स नहीं, बोलचाल की भाषा अपनाएं सिटी रिपोर्टर युवा अपनी पसंद को लेकर भाषा अपनानी चाहिए। इससे मैसेज जब ज्यादा लोगों जागरूक होते हैं तभी बदलाव की असली शुरुआत  तक पहुंच सकेगा। पीयर स्टोरीटेलिंग को बदलाव का होती है। सिटी पैलेस में आयोजित   पीडीकेएफ मजबूत माध्यम बताते हुए कहा- रिलेटेबल कहानियां  आर्टिजंस कलेक्टिव के दूसरे संस्करण के समापन और क्लियर कॉल टरू एक्शन अवेयरनेस को रियल एज   एजेंट्स चेंजः   एक्टिविज़्म एक्शन में बदल सकती हैं। सस्टेनेबल फैशन पर कोली g पर ऑफ पैनल एडवोकेसी एंड क्राफ्ट ने युवाओं से लोकल ब्रांड्स सपोर्ट करने, थ्रिफ्टिंग  विषय पर डिस्कशन हुआ। इसमें डिजिटल क्रिएटर अपनाने और पॉप-्अप मार्केट्स से जुड़ने की अपील  व ग्लोबल एडवोकेट प्राजक्ता कोली की। उन्होंने कहा कि खरीदारी करते समय 6 सोचना जरूरी है कि चुनी गई वस्तु लॉन्ग-्टर्म वैल्यू की भूमिका पर कहा कि॰ युवाओं फास्ट ्पेस्ड डिजिटल दौर में देती है या नहीं। उनके मुताबिक, सस्टेनेबल फैशन 15 सेकंड की रील्स जैसे शॉर्ट ्फॉर्म  हमेशा महंगी नहीं होती। कई इंडिपेंडेंट सोशल मीडिया ब्रांड्स अफोर्डेबल विकल्प भी दे रहे तक मैसेज कंटेंट युवाओं हैं। रिस्पॉन्सिबल स्टोरीटेलिंग और कॉन्शस प्रभावी কা पहुंचाने जरिया बन चुके हैं। चॉइस के जरिए युवा आर्टिजन कम्युनिटीज  = তল্কীন  सपोर्ट कर सकते है। असली পা कहा प्रभावी संवाद के बदलाव फॉलोअर काउंट हैवी   साइंटिफिक से नहीं, लोकल इंपैक्ट से 76, शुरू होता है। बोलचाल - ShareChat