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#🇮🇳 देशभक्ति #अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2023 🧘‍♂️ 🧘 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌
🇮🇳 देशभक्ति - समय पत्रिका प्राणायाम में तीन क्रियाएँ होती हैं पूरकः कुम्भकश्चैव रेचकश्च तृतीयकः  ज्ञातव्यो योगिभिर्नित्यं देहसंशुद्धिहेतवे प्राणायाम में पूरक, कुंभक और रेचक तीन क्रियाएँ होती हैं | इसे शरीर के विकारों को दूर करने के कारण के रूप में जानते हैं इसलिए इसका रोजाना अभ्यास करना पूरक का अर्थ साँस को अपनी पूरी चाहिए क्षमता के अनुसार अंदर लेना है । रेचक का अर्थ है- पूरी तरह साँस को बाहर छोड़ना | कुंभक का अर्थ है पूरक करने के बाद साँस को यथाशक्ति अंदर या रेचक क्रिया के बाद साँस को बाहर इसलिए यह (कुंभक ) दो प्रकार का रोकना होता है- अंतः कुंभक और बाह्य कुंभक | [ न सास के रहस्य प्रभात प्रकाशन समय पत्रिका प्राणायाम में तीन क्रियाएँ होती हैं पूरकः कुम्भकश्चैव रेचकश्च तृतीयकः  ज्ञातव्यो योगिभिर्नित्यं देहसंशुद्धिहेतवे प्राणायाम में पूरक, कुंभक और रेचक तीन क्रियाएँ होती हैं | इसे शरीर के विकारों को दूर करने के कारण के रूप में जानते हैं इसलिए इसका रोजाना अभ्यास करना पूरक का अर्थ साँस को अपनी पूरी चाहिए क्षमता के अनुसार अंदर लेना है । रेचक का अर्थ है- पूरी तरह साँस को बाहर छोड़ना | कुंभक का अर्थ है पूरक करने के बाद साँस को यथाशक्ति अंदर या रेचक क्रिया के बाद साँस को बाहर इसलिए यह (कुंभक ) दो प्रकार का रोकना होता है- अंतः कुंभक और बाह्य कुंभक | [ न सास के रहस्य प्रभात प्रकाशन - ShareChat