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#Eek Tu Hi Guru Ji
Eek Tu Hi Guru Ji - EEK पुत्तर ध्यान में जीने वाला मनुष्य गलती नहीं कर सकता वह जो भी करता है, पूरी तरह करता है; और अगले ही क्षण Tu उससे आगे बढ़ जाता है। वह पीछे मुड़कर नहीं देखता, वह हैनहीं हूनयहव पश्चाताप नहीं करता। जो हुआ, वह हुआ; जो 46 HI नहीं हुआ। न तो वह अपने को शाबाशी देता किया" न ही वह कभी अपराधबोध से भरता है मैं यह क्यों नहीं कर पाया?" उसके भीतर कोई बोझ नहीं होता; वह Tu अतीत से पूरी तरह कट चुका होता है। हर क्षण वह भविष्य में TGURU प्रवेश करता है; हर क्षण उसका अतीत विलीन हो जाता वह प्रातःकाल की ओस की बूँदों की तरह ताज़ा होता है। जिस व्यक्ति का मन दर्पण की तरह साफ होता है, उस पर अतीत की धूल नहीं जमती।यही सूत्र एक 'मुक्त पुरुष' के V लक्षण हैं.. !! ऊँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय! ! EEK पुत्तर ध्यान में जीने वाला मनुष्य गलती नहीं कर सकता वह जो भी करता है, पूरी तरह करता है; और अगले ही क्षण Tu उससे आगे बढ़ जाता है। वह पीछे मुड़कर नहीं देखता, वह हैनहीं हूनयहव पश्चाताप नहीं करता। जो हुआ, वह हुआ; जो 46 HI नहीं हुआ। न तो वह अपने को शाबाशी देता किया" न ही वह कभी अपराधबोध से भरता है मैं यह क्यों नहीं कर पाया?" उसके भीतर कोई बोझ नहीं होता; वह Tu अतीत से पूरी तरह कट चुका होता है। हर क्षण वह भविष्य में TGURU प्रवेश करता है; हर क्षण उसका अतीत विलीन हो जाता वह प्रातःकाल की ओस की बूँदों की तरह ताज़ा होता है। जिस व्यक्ति का मन दर्पण की तरह साफ होता है, उस पर अतीत की धूल नहीं जमती।यही सूत्र एक 'मुक्त पुरुष' के V लक्षण हैं.. !! ऊँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय! ! - ShareChat