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#लफ्ज खामोशी के
लफ्ज खामोशी के - स्त्री कि मृत्यु परकौन नहीं रोता जब एक स्त्री इस से जाती है॰. दुनिया तो सिर्फ उसका पति, बच्चे या घरवाले ही नहीं रोते... उसके साथ साथ रोता है वो घर वो आंगन, वो किवाड़, वो चूल्हा वो बर्तन, जिनसे उसने अपने लोगों को प्यार परोसा. सिसकती हैं उसकी साड़ियाँ , खामोश हो जाती हे उसकी चूड़ियाँ , और बिंदियाँ, जो हर सुबह उसके माथे पर मुस्कुराती थीं.॰वो गलियाँ, जहाँ उसकी हँसी गूंजती थी.॰वो नदियाँ, वो चि़ड़ियाँ, उसकी सहेलियाँ  हर कोई एक सर में कहता है॰ वो अब नहीं रही॰.. एक स्त्री का जाना, सिर्फ एक शरीर का जाना नहीं होता. .  वो पूरा एक जीवन ले जाती है॰.. I{க * ** *"एक स्त्री सिर्फ घर नहीं बनाती... वो खुद एक  संसार होती है॰.४ स्त्री कि मृत्यु परकौन नहीं रोता जब एक स्त्री इस से जाती है॰. दुनिया तो सिर्फ उसका पति, बच्चे या घरवाले ही नहीं रोते... उसके साथ साथ रोता है वो घर वो आंगन, वो किवाड़, वो चूल्हा वो बर्तन, जिनसे उसने अपने लोगों को प्यार परोसा. सिसकती हैं उसकी साड़ियाँ , खामोश हो जाती हे उसकी चूड़ियाँ , और बिंदियाँ, जो हर सुबह उसके माथे पर मुस्कुराती थीं.॰वो गलियाँ, जहाँ उसकी हँसी गूंजती थी.॰वो नदियाँ, वो चि़ड़ियाँ, उसकी सहेलियाँ  हर कोई एक सर में कहता है॰ वो अब नहीं रही॰.. एक स्त्री का जाना, सिर्फ एक शरीर का जाना नहीं होता. .  वो पूरा एक जीवन ले जाती है॰.. I{க * ** *"एक स्त्री सिर्फ घर नहीं बनाती... वो खुद एक  संसार होती है॰.४ - ShareChat