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शेर #✒ शायरी
✒ शायरी - (( शर मौहब्बत लिबास नहीं जो रोज़ बदला जाए मौहब्बत क़फन है जो पहन कर उतारा नहीं जाता। 71 @myquote (( शर मौहब्बत लिबास नहीं जो रोज़ बदला जाए मौहब्बत क़फन है जो पहन कर उतारा नहीं जाता। 71 @myquote - ShareChat