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#Eek Tu Hi Guru Ji
Eek Tu Hi Guru Ji - @ संसार में रहो, लेकिन संसार को पुत्तर संसार बाहर है, 'भीतर नहीं.. अपने भीतर मत आने दो..!! अगर आप घर में हैं और मन दुकान में दुकान में हैं और मन शांत, स्थिर तो आप संसारी हैं...अगर आप है Tw और शून्य है॰ तो आप उस परमात्मा की भक्ति में लिन हो..!! आप बाजार में हों, दफ्तर में हों या परिवार में, वह समस्या नहीं है...समस्य 9 तब है जब बाजार, दफ्तर और परिवार आपके भीतर विचार बनकर चौबीस घंटे चलने लगते हैं..!! मनुष्य का जीवन भी एक सराय ' जैसे ही आप खुद को मालिक समझना छोड़ देते हैं और संसार मे Tw रहते हुए खुद को यात्री समझने लगते हैं, वैसे ही अहंकार तुम्हारे भीतर से विदा होने लगता है और जहाँ अहंकार नहीं है, वहीं उसी दिन Guw परमात्मा की समाधि का द्वार खुलता है जीवन की नश्वरता को समझने का सबसे सरल और सटीक तरीका हैl जब तुम यह जान लेते हैं कि इस शरीर रूपी चोले से भी एक दिन 0 चेक ्आउट करना है॰ तो संसार की पकड़ अपने आप ढीली होने लगती है...!!ऊँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय! ! @ संसार में रहो, लेकिन संसार को पुत्तर संसार बाहर है, 'भीतर नहीं.. अपने भीतर मत आने दो..!! अगर आप घर में हैं और मन दुकान में दुकान में हैं और मन शांत, स्थिर तो आप संसारी हैं...अगर आप है Tw और शून्य है॰ तो आप उस परमात्मा की भक्ति में लिन हो..!! आप बाजार में हों, दफ्तर में हों या परिवार में, वह समस्या नहीं है...समस्य 9 तब है जब बाजार, दफ्तर और परिवार आपके भीतर विचार बनकर चौबीस घंटे चलने लगते हैं..!! मनुष्य का जीवन भी एक सराय ' जैसे ही आप खुद को मालिक समझना छोड़ देते हैं और संसार मे Tw रहते हुए खुद को यात्री समझने लगते हैं, वैसे ही अहंकार तुम्हारे भीतर से विदा होने लगता है और जहाँ अहंकार नहीं है, वहीं उसी दिन Guw परमात्मा की समाधि का द्वार खुलता है जीवन की नश्वरता को समझने का सबसे सरल और सटीक तरीका हैl जब तुम यह जान लेते हैं कि इस शरीर रूपी चोले से भी एक दिन 0 चेक ्आउट करना है॰ तो संसार की पकड़ अपने आप ढीली होने लगती है...!!ऊँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय! ! - ShareChat