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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - जिसु सिमरत दूखु सभु जाइा नॉमु खननु वसै मनि आइाा हे भाई! सभी प्रकार के कष्ट उस अकाल पुरख को याद करने ম নযা से विदा हो जाते हैं। परमात्मा की याद में जोड़ने से इंसान सांसारिक परेशानियों से ऊपर उठ जाता है उसके मन के भिखारी भीतर की बेचैनी और चिंता भी शांत होजाती है। जिस तरह एक कीमती हीरा अंधेरे कमरे को रोशन कर देता है, उसी तरह जिओ नाम रत्न अज्ञानता के अंधेरे को दूर कर देता है। यह कोई साधारण दौलत नहीं, बल्कि वह रूहानी पूँजी है जो कभी खत्म नहीं होती। प्रभु का नाम केवल जीभ से जपने तक पहाडा सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसेमनमें बसाना जरूरी है। जब ईश्वर की याद दिल की गहराइयों में समा जाती है, तो qT मनुष्य का स्वभाव और विचार बदलने लगते हैं। उसके जीवन में ठहराव और संतोष आ जाता है।दुनिया की वस्तुएँ हमें कुछ बाबा सुख दे सकती हैं, लेकिन स्थायी आनंद केवल लिए  समय के नाम के स्मरण से ही संभव है। जब परमात्मा का नाम मन में U होता है॰ तो इंसान प्रतिकूल परिस्थितियों (ठोकरों ) में भी डगमगाता नहीं है, क्योंकि उसे असली कर्ता पर भरोसा होता 8 जिसु सिमरत दूखु सभु जाइा नॉमु खननु वसै मनि आइाा हे भाई! सभी प्रकार के कष्ट उस अकाल पुरख को याद करने ম নযা से विदा हो जाते हैं। परमात्मा की याद में जोड़ने से इंसान सांसारिक परेशानियों से ऊपर उठ जाता है उसके मन के भिखारी भीतर की बेचैनी और चिंता भी शांत होजाती है। जिस तरह एक कीमती हीरा अंधेरे कमरे को रोशन कर देता है, उसी तरह जिओ नाम रत्न अज्ञानता के अंधेरे को दूर कर देता है। यह कोई साधारण दौलत नहीं, बल्कि वह रूहानी पूँजी है जो कभी खत्म नहीं होती। प्रभु का नाम केवल जीभ से जपने तक पहाडा सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसेमनमें बसाना जरूरी है। जब ईश्वर की याद दिल की गहराइयों में समा जाती है, तो qT मनुष्य का स्वभाव और विचार बदलने लगते हैं। उसके जीवन में ठहराव और संतोष आ जाता है।दुनिया की वस्तुएँ हमें कुछ बाबा सुख दे सकती हैं, लेकिन स्थायी आनंद केवल लिए  समय के नाम के स्मरण से ही संभव है। जब परमात्मा का नाम मन में U होता है॰ तो इंसान प्रतिकूल परिस्थितियों (ठोकरों ) में भी डगमगाता नहीं है, क्योंकि उसे असली कर्ता पर भरोसा होता 8 - ShareChat