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क़ाफी बाबा फरीद #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - ೩ ೩ ೩ % % % "क़ाफी ' बिन अमलाँ दोहागनि माए होवां कै पह दुख अकेली माए रोवाँ नी कै पह दुख अकेली रोवाँ आइ बनी सिर मेरे जा का कान तान सभ रसिया अवगन कई घनेरे सहु पड़ने सी पकड़ चलेसी हथ बंद अगै खलोवाँ बिना अमलाँ दोहागनि माए होवां (बाबा फरीद) Motivational Videos App Want ೩ ೩ ೩ % % % "क़ाफी ' बिन अमलाँ दोहागनि माए होवां कै पह दुख अकेली माए रोवाँ नी कै पह दुख अकेली रोवाँ आइ बनी सिर मेरे जा का कान तान सभ रसिया अवगन कई घनेरे सहु पड़ने सी पकड़ चलेसी हथ बंद अगै खलोवाँ बिना अमलाँ दोहागनि माए होवां (बाबा फरीद) Motivational Videos App Want - ShareChat