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#गुलज़ार शायरी ✍️
गुलज़ार शायरी ✍️ - वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है, हमने भी हँसकर बोला, भला अपनी बर्बादी कौन भूल सकता है॰ गुलज़ार वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है, हमने भी हँसकर बोला, भला अपनी बर्बादी कौन भूल सकता है॰ गुलज़ार - ShareChat